उदयपुर,एआर लाइव न्यूज। जाखम-जयसमंद-बड़गांव-मातृकुण्डिया जल परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 10 हजार करोड़ की डीपीआर तैयार करवाई है। इधर जलसंसाधन विभाग ने देवास प्रोजेक्ट-तृतीय एवं चतुर्थ चरण का काम 2027 तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट तय किया है। Jakham-Jaisamand-Badgaon-Matrikundiya Water Project | Jakham Jaisamand Water Project | jakham jaisamand water project udaipur division rajasthan | Dewas Project udaipur
सोमवार को उदयपुर आए प्रदेश के जल संसाधन मंत्री सुरेशसिंह रावत ने बताया कि करीब 10 हजार करोड़ की इस परियोजना की मंजूरी के लिए केंद्रीय जल आयोग में भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को मूर्त रूप देने पर कार्य किया जाएगा। Jakham Jaisamand Badgaon Matrikundiya Water Project Central Water Commission |
यह परियोजना पूर्ण होने पर दक्षिण राजस्थान में पेयजल और सिंचाई की समस्या का काफी हद तक समाधान हो पाएगा। वहीं जल स्त्रोतों के अधिशेष पानी का भी सदुपयोग हो सकेगा। जल संसाधन मंत्री ने सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक भी ली।
2027 तक हर हाल में पूरा करेंगे देवास प्रोजेक्ट-तृतीय एवं चतुर्थ चरण
जलसंसाधन मंत्री ने कहा कि उदयपुर की बहुप्रतीक्षित देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण का कार्य प्रगति पर है। विभागीय अधिकारियों को यह प्रोजेक्ट दिसम्बर 2027 तक हर हाल में पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया है। करीब 200 करोड़ की लागत से बागोलिया फीडर का कार्य भी चल रहा है। इससे मावली क्षेत्र में पेयजल के साथ ही 3700 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। राजसमंद जिले में 131 करोड़ की लागत से खारी फीडर की क्षममता बढ़ाने का कार्य भी प्रगति पर है।
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