मुंबई,(एआर लाइव न्यूज)। वेदांता लिमिटेड ने आज घोषणा की है कि इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अपनी पूर्व घोषित कम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को लागू करने के लिए महत्वपूर्ण कदमों को मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के मौजूदा रणनीतिक पुनर्गठन में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। बोर्ड ने डीमर्जर के लिए 1 मई 2026 को प्रभावी तिथि और रिकॉर्ड तिथि के रूप में निर्धारित किया है। ताकि उन शेयरधारकों का निर्धारण किया जा सके जो डीमर्जर के परिणामस्वरूप बनने वाली संस्थाओं में शेयर प्राप्त करने के पात्र हैं। Vedanta announces demerger record date
यह डीमर्जर वेदांता की कॉर्पोरेट संरचना को सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विशेष सेक्टर पर केन्द्रित स्वतंत्र बिजनेस बनेंगे। साथ ही यह डीमर्जर विश्वस्तरीय निवेशकों जैसे सॉवरेन वेल्थ फंड, रीटेल निवेशकों एवं सामरिक निवेशकों को वेदांता की विश्वस्तरीय सम्पत्तियों के जरिए भारत आने का अवसर प्रदान करेगा। इससे अलग-अलग यूनिट्स को अपनी योजनाओं को ज्यादा आजादी से आगे बढ़ाने और उपभोक्ताओं, निवेश चक्रों और अंतिम बाजारों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के लिए मंच मिलेगा।
शेयर पात्रता विवरण : वेदांता लिमिटेड के योग्य शेयरधारकों को परिणामी कंपनियों में निम्नलिखित अनुपात में शेयर मिलेंगे
- वेदांता एलुमिनियम मैटल लिमिटेड (वीएएमएल)
वेदांता के हर 1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (रु1 अंकित मूल्य) - तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (जिसका नाम बदलकर वेदांता पावर लिमिटेड किया जाएगा)
वेदांता के हर 1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (रु10 अंकित मूल्य) - मालको एनर्जी लिमिटेड (जिसका नाम बदलकर वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड किया जाएगा)
वेदांता के हर 1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (रु1 अंकित मूल्य) - वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (वीआईएसएल)
वेदांता के हर 1 शेयर के बदले 1 इक्विटी शेयर (रु1 अंकित मूल्य)
पुनर्गठन के मुख्य पहलु
इस डीमर्जर के परिणामस्वरूप एल्युमीनियम, पावर, ऑयल एंड गैस, तथा आयरन ओर एवं स्टील क्षेत्रों में चार स्वतंत्र, सेक्टर-केंद्रित संस्थाओं का निर्माण होगा। अलग हुए व्यवसाय अपने-अपने मार्केट, ग्राहकों की जरूरतों और निवेश की आवश्यकताओं के साथ बेहतर तालमेल बना सकेंगे। इसके अलावा सभी परिणामी संगठनों में पारदर्शिता बढ़ेगी और हर वर्टिकल का मूल्यांकन करना आसान हो जाएगा।


