- उदयपुर के देबारी स्मेल्टर प्लांट से 41 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी
- इस पहल से अगले कुछ वर्षों में 11 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान में पर्यावरण ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने उदयपुर स्थित अपने जिंक स्मेल्टर देबारी प्लांट में राज्य के पहले और सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े की शुरुआत की है। यह पहल एनवायरो व्हील्स मोबिलिटी प्राईवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी में की गई है। Hindustan Zinc Launches Rajasthan’s First EV Bus Fleet
हिन्दुस्तान जिंक ने परिचालन क्षेत्रों में कुल 41 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के आने-जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। डीजल बसों को हटाकर इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से अनुबंध की अवधि के दौरान लगभग 11 हजार टन कार्बन उत्सर्जन की बचत होगी।
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि हम औद्योगिक विकास के साथ.साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2050 या उससे पहले नेट जीरो ए शून्य कार्बन उत्सर्जन हासिल करना है। कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत हमारे इसी संकल्प का एक हिस्सा हैए ताकि हम भविष्य के लिए एक सुरक्षित और स्वच्छ खनन ईकोसिस्टम तैयार कर सकें। Hindustan Zinc Launches Rajasthan First EV Bus Fleet
कंपनी ने रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 18 प्रतिशत की
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, अपने कार्बन फुटप्रिंट को काफी कम करने और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव को तेज करने के लिए एक व्यापक और एकीकृत कार्यक्रम शुरू किया है। कंपनी ने अपने कुल ऊर्जा मिश्रण में रिन्यूएबल एनर्जी की हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 18 प्रतिशत कर दी है, जो इसके डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों की दिशा में ठोस प्रगति को दर्शाता है।
इसमें महत्वपूर्ण मील का पत्थर कंपनी का 530 मेगावॉट चौबीस घंटे रिन्यूएबल एनर्जी आपूर्ति हेतु एमओयू है, जिससे हिन्दुस्तान जिंक की कुल ऊर्जा आवश्यकता का 70 प्रतिशत से अधिक पूरा होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत नवीकरणीय ऊर्जा का पहला प्रवाह पिछले वित्तीय वर्ष में ही शुरू हो चुका है, जो स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर एक निर्णायक बदलाव का संकेत है।


