साइबर अपराधियों का सिमकार्ड सप्लायर गिरफ्तार
एआर लाइव न्यूज। सीबीआई ने ऑपरेशन चक्र-वी के तहत पूरे भारत में साइबर अपराध के बुनियादी ढांचे पर कार्रवाई तेज करते हुए साइबर अपराध में उपयोग होने वाले सिम कार्ड खरीदने-बेचने के पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी द्वारा देशभर के विभिन्न एजेंटों के जरिए 10 हजार सिमकार्ड खरीदे गए और इसके लिए एजेंटों के खातों में 67 लाख रूपए ट्रांसफर किए गए हैं। इन सभी सिम कार्ड का उपयोग डिजीटल अरेट, ऑनलाइन लोन फ्रॉड, ऑनलाइन निवेश के नाम से धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों में किया गया है।
सीबीआई के अनुसार सिम कार्ड को साइबर अपराधियों तक पहुंचाने के लिए कुरियर सर्विस का उपयोग किया जा रहा था। इस गिरोह के मुख्य आरोपी को टीम ने गुवाहाटी से गिरफ्तार किया है। CBI Arrests Key Conspirator in Cyber Fraud Network as part of Operation Chakra-V

ऑपरेशन चक्र-वी का मकसद देश में संगठित साइबर अपराध की कमर तोड़ना है। सीबीआई एक ऐसे मामले की जांच कर रही है जिसमें पॉइंट ऑफ सेल एजेंट शामिल थे, ये एजेंट गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड जारी कर रहे थे। ये सिम फर्जी डिजिटल अरेस्ट, लोन घोटाले और निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में लिप्त साइबर अपराधियों तक कुरियर सर्विस के जरिए पहुंचाए जाते थे। सीबीआई ने जांच के दौरान आठ राज्यों में लगभग 45 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जिसके परिणामस्वरूप फर्जी गैर-कानूनी तरीके से हासिल किए गए सिम कार्ड जारी करने में शामिल 10 आरोपी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया। | CBI news | Cyber fraud | Cyber crime | digital arrest

अगस्त 2025 से फरार था यह सिम कार्ड सप्लायर
साइबर अपराधियों और सिम कार्ड जारी करने वाले एजेंटों के बीच सिम इकट्ठा करने वाले को सीबीआई ने नामजद कर लिया था, यह मुख्य आरोपी अगस्त 2025 से फरार चल रहा था। सीबीआई की टीम ने 19 अप्रेल को गुवाहाटी में दबिश देकर मुख्य आरोपी को धरदबोचा। जांच से पता चला है कि आरोपी ने अवैध तरीके से जारी लगभग दस हजार सिम कार्ड एजेंटों से खरीदे और इसके लिए एजेंटों के बैंक खातों में करीब 67 लाख रूपए ट्रांसफर किए थे। एजेंट कुरियर सर्विस के जरिए इस मुख्य आरोपी तक सिम कार्ड पहुंचाते थे और यह आरोपी साइबर अपराधियों तक सिम कार्ड पहुंचाने के लिए कुरियर सर्विस का ही उपयोग करता था। ऐसे में पूरी संभावना है कि सीबीआई साइबर अपराध कारित करने वाले गिरोहों तक पहुंच सके।

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