दो वर्षों में मानव-वन्यजीव संघर्ष के डराने वाले आंकड़े
लकी जैन, उदयपुर। प्रदेश में अभी पांच टाइगर रिजर्व हैं, सालों के प्रयास के बाद प्रदेश में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है, लेकिन इसी के साथ वनक्षेत्रों में मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। सिर्फ टाइगर रिजर्व की तुलनात्मक बात करें तो सबसे ज्यादा मानव-वन्यजीव संघर्ष रणथंभौर टाइगर रिजर्व में हुए हैं। | man vs wild | tiger reserve in rajasthan | man vs wild animal | man vs wild death rate | man vs wild with tiger | man vs animal | man vs animal conflict | man vs wild in udaipur | udaipur news | udaipur wildlife news | wild life news | rajasthan latest news | forest in rajasthan | forest in udaipur
वन विभाग से प्राप्त आंकड़ों से एक डराने वाला खुलासा हुआ है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 5 टाइगर रिजर्व में बीते दो वर्षों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सरकार ने इन पीड़ितों को भले ही कुल 58 लाख 30 हजार रूपए का मुआवजा दे दिया हो, लेकिन वनक्षेत्रों के नजदीक रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर सरकार के पास कोई योजना नहीं है।
सबसे ज्यादा हमले रणथंभौर टाइगर रिजर्व में
विभाग के अनुसार प्रदेश में रणथंभौर टाइगर रिजर्व, धोलपुर-करौली टाइगर रिजर्व, सरिस्का टाइगर रिजर्व, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व हैं। वर्ष 2024 और 2025 के आंकड़ों पर गौर करें तो इन टाइगर रिजर्व में इन दो वर्षों में मानव-वन्यजीव संघर्ष में 8 लोगों की मौत हुई हैं, जबकि 50 लोग घायल हुए। मरने वाले 8 लोगों में 5 की मौत रणथंभौर टाइगर रिजर्व में हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष में हुई, जबकि 50 में से 26 लोग रणथंभौर में हुए संघर्ष में घायल हुए हैं।
इसके अलावा बीते दो वर्षों में धोलपुर करोली टाइगर रिजर्व में हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष में 2 लोग और सरिस्का में 1 व्यक्ति की जान गयी है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व की स्थिति सबसे बेहतर है, यहां बीते दो वर्षों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की दो घटनाएं हुई, गनीमत रही कि इनमें किसी की मौत नहीं हुई, इन घटनाओं में दो लोग घायल हुए हैं।
कुंभलगढ़ के लिए इंतजार जारी
विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में वन विभाग ने जानकारी दी है कि कुंभलगढ़ और रावली टाडगढ़ अभयारण्य को सम्मिलित करते हुए कुंभलगढ़ टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने को सैद्धांतिक स्वीकृति एनटीसीए द्वारा अगस्त 2023 में दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व घोषित नहींं किया गया है। कुंभलगढ़ को टाइगर रिजर्व घोषित करने का मेवाड़ का इंतजार जारी है, उम्मीद है कि इसके बाद राजसमंद, उदयपुर के पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा।
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