पुलिस को आशंका कहीं पैंथर का शिकार तो नहीं बन गया तुलसीराम, परिजनों की मांग आखिरी बार जिसके साथ गया, उसे पकड़ा जाए
उदयपुर/गोगुंदा,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर जिले के गोगुंदा उपखंड मुख्यालय के मजावद पंचायत के कुंडाउ गांव के तुलसीराम का 34 दिनों से लापता होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन से उपखंड मुख्यालय पर धरना दे रहे ग्रामीणों ने शुक्रवार को जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सांसद मन्नालाल रावत और विधायक प्रताप गमेती को प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि अर्पित कर तुलसीराम के नहीं मिलने पर आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी। हरकत में आयी पुलिस ने शुक्रवार को तुलसीराम के लिए तलाशी अभियान शुरू किया। | udaipur latest news | udaipur Tulsiram Missing case gogunda | Police search operation in Forest area | Villagers Pay Tribute to MLA, MP | udaipur police | udaipur news | udaipur gogunda police | panther attack
शुक्रवार को उदयपुर आईजी ऑफिस का रिजर्व जाब्ता, उदयपुर पुलिस लाइन से जाब्ता और गिर्वा पुलिस सर्किल के नाई, गोगुंदा, सायरा सहित आसपास के थानों का जाब्ता गोगुंदा पहुंचा। डीएसपी गोपाल चंदेल और तलसीलदार प्रवीण कुमार, गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में 150 से अधिक जवानों ने पहाड़ों और जंगलों में तुलसीराम को तलाशने का अभियान शुरू किया है। तीन से चार किलोमीटर के क्षेत्र में पहाड़ी जंगलों में तुलसीराम की तलाश की। पुलिस ने ड्रॉन कैमरे की मदद से भी पहाड़ियों और जंगलों में तुलसी को तलाशा। लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।वीडियो में देखें पूरा घटनाक्रम:-
15 फरवरी से लापता, आखिरी बार वेणी सिंह के साथ दिखा
गोगुंदा थानाधिकारी श्याम सिंह ने बताया कि मजावद पंचायत के कुंडाउ गांव निवासी तुलसीराम को नजदीक गांव बगड़ूंदा का वेणी सिंह 15 फरवरी को मजदूरी के काम के लिए ले गया था। वेणी सिंह ने तुलसीराम से ट्रक में रखे सीमेंट के कट्टे उतरवाए और उसे 100 रूपए मजदूरी दे दी। दिन में वेणी सिंह और तुलसीराम साथ रहे। इसके बाद से तुलसीराम लापता है। दो दिन घर नहीं आने पर तुलसी के परिजन 17 फरवरी को वेणी सिंह के पास गए, तो वेणी सिंह ने बताया वह तो 15 को चला गया था। तुलसी के परिजनों और वेणी सिंह ने दो दिन आसपास तलाश की, कुछ पता नहीं चलते पर परिजनों ने गोगुंदा थाने में रिपोर्ट दी करवायी।
पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर वेणी सिंह से पूछताछ की, वेणी सिंह ने पुलिस को बताया कि 15 को वह तुलसी के साथ था। उससे काम करवाया, मजदूरी के रूपए दिए। देरशाम तक दोनों साथ रहे। तुलसीराम ने उस दिन शराब पी थी। इसके बाद तुलसी चला गया। वेणी सिंह ने पुलिस को जो-जो बातें बतायी, पुलिस ने वेरीफाई की तो वह सही निकली।
तुलसीराम मोबाइल उपयोग नहीं करता था, ऐसे में पुलिस उसकी लोकेशन भी नहीं निकाल पा रही है। पुलिस वेणी सिंह से पूछताछ कर चुकी है, वेणी सिंह के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला कि उसे गिरफ्तार किया जा सके और तुलसीराम के बारे में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल रहा। अब पुलिस को एक ही आशंका है कि तुलसीराम 15 फरवरी की रात किसी पैंथर जैसे किसी जंगली जानवर का शिकार तो नहीं हो गया है।

तीन दिन से उपखंड मुख्यालय पर धरना दे रहे ग्रामीण
परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार 34 दिन पहले तुलसीराम गांव के ही वेणी सिंह के साथ काम के लिए जाने की कहकर घर से निकला था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गोगुंदा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवायी और वेणी सिंह पर शंका जाहिर की, पुलिस ने वेणी सिंह से पूछताछ की और तलाश के प्रयास किए, लेकिन परिजनों को पुलिस के प्रयास नाकाफी लगे। इस पर युवा कांग्रेस के नेता तुलसीराम के परिवार की मदद को आगे आए और उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। सैंकड़ों ग्रामीण पिछले तीन दिन से युवा काग्रेस उदयपुर देहात के जिलाध्यक्ष बालू भील के नेतृत्व में धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों को धरना रात को भी जारी है, कोई घर नहीं जा रहा। सभी तुलसी की तलाश की मांग कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों को दी प्रतीकात्मक श्रद्धांजलि
आज विरोध प्रदर्शन को बढ़ाते हुए ग्रामीणों ने देश और प्रदेश की सरकार में आदिवासी क्षेत्र के जनप्रतिधि जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, गोगुंदा विधायक प्रताप भील और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रतीकात्मक विरोध जताया। ग्रामीणों ने कहा इन जनप्रतिनिधियों को हमारी समस्याएं दिखायी-सुनायी नहीं देती। जब ये तुलसीराम के परिवार की मदद नहीं कर सकते तो इनके होने या नहीं होने का कोई कोई फायदा नहीं। ऐसे में तुलसीराम के परिजनों ने तीनों नेताओं की फोटो पर फूलमाला चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित कर, प्रतीकात्मक विरोध जताया। धरने में जिला परिषद सदस्य चुन्नीलाल भील सहित अंगूर भील, सुरेश भील, सुनील गमेती, पुष्कर कटारा, गोपाल डूंगरी, मांगीलाल गमेती, कविता सरपंच और लोकेश गमेती प्रमुख रूप से शामिल हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि तुलसीराम का परिवार बेहद कमजोर स्थिति में है। उनके पिता दृष्टिहीन हैं और भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ है। तुलसीराम के लापता होने से परिवार पूरी तरह बेसहारा हो गया है और लगातार न्याय की मांग कर रहा है।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज के https://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें


