15 मार्च को 51 जोड़े लेंगे सात फेरे : हर जोड़े की अपनी कहानी, संघर्ष से संवरते सपने
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। नारायण सेवा संस्थान की ओर से बड़ी स्थित संस्थान परिसर में शनिवार से दो दिवसीय 45वें निशुल्क दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह की शुरूआत हुई। जहां गीत-संगीत की धुनों के साथ 51 जोड़ों के (युवक-युवतियों) के हल्दी-मेहंदी लगायी गयी, वहीं परिजन और मेहमान संगीत संध्या में जमकर झूमे।
विवाह समारोह का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में गणपति स्थापना और गणपति वंदन नृत्य के साथ हुआ। इसके बाद हल्दी और मेहंदी की पारंपरिक रस्मों ने पूरे परिसर को उत्साह और मंगल भाव से भर दिया। सभी 51 जोड़े पीले परिधान में पीले फूलों से सुसज्जित हाड़ा सभागार के मंच पर अपने निर्धारित स्थानों पर आसीन हुए। संस्थान के संस्थापक चेयरमैन पद्मश्री कैलाश मानव, सहसंस्थापिका कमला देवी, अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल, निदेशक वंदना अग्रवाल और पलक अग्रवाल ने विशिष्ट अतिथियों के साथ गणपति स्थापना कर विवाह समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। narayan seva sansthan | differently abled 45th mass wedding ceremony | haldi mehndi sangeet rituals in wedding | destination weeding |

मेहमान भी संगीत धुनों पर झूमे
निदेशक वंदना अग्रवाल और पलक अग्रवाल के निर्देशन में अतिथियों ने जोड़ों को हल्दी और उसके बाद मेहंदी लगाने की रस्म निभाई। इस दौरान आए है मेरी जिंदगी में बहार.., हल्दी लगाओ तेल चढ़ाओ री.., म्हारी मेहंदी को रंग.., श्याम नाम की मेहंदी.., जैसे गीतों पर अतिथियों ने उत्साह के साथ ठुमके लगाए और पूरा माहौल उत्सवमय हो उठा।
संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि रविवार सुबह 11.15 बजे सभी जोड़े वैदिक विधि-विधान के साथ पवित्र अग्नि के सात फेरे लेकर 51 जोड़े दांपत्य जीवन में प्रवेश करेंगे। संस्थान की ओर से प्रत्येक जोड़े को गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक सामग्री उपहार स्वरूप प्रदान की जाएगी। 51 जोड़ों में 25 दिव्यांग और 26 सकलांग जोड़े हैं। समारोह में मुख्य अतिथि विजया कुमारी (दिल्ली), त्रिशाल शर्मा (साउथ अफ्रीका), महिराज (मॉरीशस) और प्रसन्न कुमार राउत (उड़ीसा) सहित सेवा मनीषियों का पगड़ी-उपरना और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।




