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Home Udaipur

महिला की दुर्लभ जन्मजात बीमारी का PMCH में हुआ सफल उपचार

Lucky Jain by Lucky Jain
March 9, 2026
Reading Time: 1 min read
udaipur pacific medical college and hospital


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सीटी स्कैन में पता चला वृद्धा अत्यंत दुर्लभ स्थिति लेफ्ट डुप्लेक्स कलेक्टिंग सिस्टम से पीड़ित थी

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच), भीलों का बेदला के यूरोलॉजी विभाग में 59 वर्षीय महिला की दुर्लभ जन्मजात बीमारी का सफल उपचार हुआ है। महिला के किडनी में जन्म से ही दो नलियां थीं, जिनमें 8 पथरियां फंसी थी। चिकित्सकों की टीम ने 8 पत्थरियों को लेजर तकनीक के जरिए बिना किसी बड़े चीरे के बाहर निकाल दिया। PMCH Udaipur

चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने चिकित्सकों की पूरी टीम की सराहना की। इस सफल ऑपरेशन में यूरोलॉजिस्ट डॉ. क्षितिज रांका, डॉ. गोविन्द, निश्चेतना विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. अनिल, सुभाष शर्मा, घनश्याम नागर, सुरेश छीपा एवं टीम का सहयोग रहा

दर्द से बेहद परेशान थी महिला, इसलिए हॉस्पिटल पहुंची

यूरोलॉजिस्ट डॉ. क्षितिज रांका ने बताया कि 59 वर्षीय महिला पिछले एक महीने से कमर के बाएं हिस्से में रुक-रुक कर हो रहे असहनीय दर्द से पीड़ित थी। परिजन मरीज को पीएमसीएच लेकर आए, यहां मरीज का सीटी स्कैन करवाया। सीटी स्कैन रिपोर्ट में अत्यंत दुर्लभ स्थिति लेफ्ट डुप्लेक्स कलेक्टिंग सिस्टम का पता चला।

सामान्यतः शरीर में प्रत्येक गुर्दे (किडनी) से मूत्र ले जाने के लिए एक ही नली (यूरेटर) होती है, लेकिन इस महिला के बाएं गुर्दे में जन्म से ही दो नलियां मौजूद थीं। इसके साथ ही वह लेफ्ट यूरेट्रोसील से भी ग्रसित थी, जिसमें नली का निचला हिस्सा गुब्बारे की तरह फूल गया था और उसमें 7 से 8 पथरियां फंसी हुई थीं।

आबादी के केवल 1 से 2 प्रतिशत लोगों में यह बीमारी पायी जाती है

चिकित्सकों ने मरीज की उम्र और स्थिति की जटिलता को देखते हुए ओपन सर्जरी के बजाय एंडोस्कोपिक यूरेटेरोस्कोपी करने का निर्णय लिया। इस सर्जरी में पहले लेजर की मदद से सूजे हुए यूरेट्रोसील में सूक्ष्म चीरा लगाया गया और इसके बाद एक पतले कैमरे (एंडोस्कोप) के जरिए नली में प्रवेश कर सभी 8 पथरियों को सुरक्षित रूप से निकाल लिया गया।

डॉ. क्षितिज रांका ने बताया कि यह एक जन्मजात बीमारी है, जो आबादी के केवल 1 से 2 प्रतिशत लोगों में पाई जाती है। अक्सर इसका पता तब चलता है जब संक्रमण या पत्थरी के कारण स्थिति गंभीर हो जाती है। ऑपरेशन के बाद महिला अब पूर्णतः स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूजhttps://arlivenews.com/ (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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