10×15 फीट साईज की एक दरी की कीमत 8370 रूपए: स्कूलों के लिए हुई खरीद
जयपुर,एआर लाइव न्यूज। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में आज शुक्रवार को सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए विधायक मद से दरी पट्टियों की खरीद में भ्रष्टाचार की गूंज सुनाई दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने तत्कालीन ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) को निलंबित करने का फरमान जारी कर दिया। शिक्षा मंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश भी दिए है। 10×15 फीट साईज की एक दरी की कीमत 8370 रूपए है। Rajasthan Vidhan Sabha : purchase of floor mats for government schools issue
आज विधानसभा में नागौर जिले के डेगाना विधायक अजयसिंह किलक ने उनके विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के लिए दरी पट्टियों की खरीद में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। सवाल के लिखित जवाब में शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि डेगाना विधानसभा क्षेत्र के राजकीय विद्यालयों के लिए दरी पट्टियों की खरीद में अनियमितताएं सामने आई हैं। इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिलावर ने कहा कि विस्तृत जांच कराने से पहले मैं तत्कालीन बीईओ को निलंबित करता हूं। Rajasthan Vidhan Sabha purchase of floor mats for government schools issue
दरी पट्टियों के स्थान पर फर्श खरीदे गए वो भी स्कूलों में पूरे नहीं पहुंचे: विधानसभा में ही शिक्षा मंत्री ने BEO के निलंबन की घोषणा की
प्रश्नकाल के दौरान विधायक के सवाल के जवाब में मंत्री ने जानकारी दी कि जनवरी 2019 से दिसंबर 2023 के बीच डेगाना विधानसभा क्षेत्र की स्कूलों के लिए करीब 35 लाख रुपये की दरी पट्टियां खरीदी गई थीं। उस समय के तत्कालीन विधायक मिर्धा (पूर्व विधायक विजयपाल) द्वारा स्कूलों में दरी पट्टियां उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई थी। जांच में सामने आया है कि दरी पट्टियों के स्थान पर फर्श खरीदे गए। रिकॉर्ड के अनुसार 288 फर्श विद्यालयों तक पहुंचे हैं, जबकि 171 फर्श के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली है। दिलावर ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के इस प्रकरण में राजकीय धन में भ्रष्टाचार हुआ है। मुझे यह भी बू आ रही है कि उस समय के तत्कालीन विधायक भी इस स्कैम में शामिल है और इस कारण यह सारा घपला हुआ है।
अधिकांश विद्यालयों में विधायक मद से दरिया वितरण क्यों हुआ: विधायक अजयसिंह
विधायक अजयसिंह किलक ने सवाल किया कि विधायक कोष से अधिकांश विद्यालयों में दरिया वितरित करने का क्या कारण रहा। क्या इन स्कूलों द्वारा दरियों की मांग की गई थी। जहां नामांकन 200-300 है वहां एक-एक दरी दी और जहां नामांकन शून्य या नाममात्र का उन स्कूलों में भी एक-एक दरी दी है। इसके पीछे क्या कारण है। विधायक ने कहा कि स्पष्ट प्रमाण है कि मोटे कमीशन के चक्कर में जान बुझकर दरिया कम वितरित की गई। स्कूलों में जबरदस्ती इनका वितरण किया गया।
अजयसिंह ने आरोप लगाया कि जिन स्कूलों के अध्यापकों ने दरी लेने से मना कर दिया उनका तत्कालीन विधायक विजयपाल मिर्धा ने टांसफर भी करा दिया। उसका भी मेरे पास प्रमाण है। पूरक प्रश्न करते हुए विपक्ष के उपनेता रामकेश मीणा ने मंत्री से शिक्षा मंत्री से सवाल पूछा कि पूर्व विधायक (विजयपाल मिर्धा) अभी बीजेपी में हैं, तो क्या उनको बीजेपी से निकाला जाएगा। जवाब में मंत्री दिलावर ने कहा, मैं जांच कराऊंगा और जो भी दोषी होगा, सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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