पश्चिम एशिया एयरस्पेस की स्थिति पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय रखे हुए नजर
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का भारत की हवाई सेवा पर भी असर पड़ता नजर आने लगा है। भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार अभी तक मौजूदा स्थिति की वजह से भारतीय कैरियर्स की 1221 उड़ान और विदेशी कैरियर्स की 388 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। नागर विमानन मंत्रालय पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस की बदलती स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय उड़ान संचालन पर इसके असर पर लगातार नजर रख रहा है। america israel iran war
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार भारतीय कैरियर्स ने अपने शेड्यूल में थोड़ा बदलाव किया है और लॉन्ग हॉल और अल्ट्रा लॉन्ग हॉल परिचालन को धीरे धीरे दूसरे रूट्स से फिर से शुरू किया जा रहा है, जो प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र से बचते हैं। फंसे हुए यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं। भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच चलने वाली विदेशी एयरलाइन भी परिचालन और एयरस्पेस से जुड़ी समस्याओं के कारण सीमित ऑपरेशन कर रही हैं। america israel iran war

आज भारतीय एयरलाइंस द्वारा 58 उड़ान संचालित करने की योजना
एयरलाइंस जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त क्षमता लगा रही हैं और यात्रियों की सुरक्षित और सही तरीके से आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए विदेशी विमानन प्राधिकरणों और विदेश में भारतीय मिशन के साथ मिलकर काम कर रही हैं। एक दिन पहले मंगलवार को भारतीय एयरलाइंस कुल 24 उड़ान संचालित की। इसके अलावा, एमिरेट्स और एतिहाद ने पिछले 24 घंटों में गल्फ से 9 उड़ान संचालित की हैं। आज बुधवार 4 मार्च को भारतीय एयरलाइंस द्वारा 58 उड़ान संचालित करने की योजना हैं। जिनमें इंडिगो की 30 और एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 23 उड़ान शामिल हैं।

मंत्रालय ने यात्रियों को दी सलाह, हवाई किराए पर भी है नजर
मौजूदा हालात को देखते हुए नागर विमानन मंत्रालय यात्रियों को सलाह दी है कि वे हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी अपनी एयरलाइन से उड़ान की ताजा स्थिति सीधे जांच लें और अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। मंत्रालय लगातार विमानन कंपनियों के साथ संपर्क में है और हवाई किराए पर करीब से नजर रख रही है ताकि यह पक्का हो सके कि इस दौरान टिकट की कीमतों में कोई बेवजह उछाल न आए।

भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए भी निगरानी बढ़ाई
युद्ध को देखते हुए पत्तन पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने फारस की खाड़ी में नाविकों और समुद्री संपत्तियों की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक दिन पहले बैठक में फारस की खाड़ी में समुद्री स्थिति की समीक्षा की।
समुद्री जोखिमों में हो रहे बदलावों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल का गठन किया गया है। मंत्रालय ने डीजीएस के माध्यम से भारतीय ध्वज वाले जहाजों की वास्तविक समय में निगरानी शुरू कर दी है और रिपोर्टिंग की आवृत्ति बढ़ा दी है। साथ ही, एमएमडीएसी डीजीकॉम सेंटर के माध्यम से चौबीसों घंटे सातों दिन निगरानी की व्यवस्था की गई है।
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