आज 7 फरवरी वेलेंटाइन वीक की शुरूआत है, तो अपने वेलेंटाइन को दे सकते हैं कुछ खास पॉजिटिविटी से भरा गिफ्ट
फैशन,(एआर लाइव न्यूज)। आजकल का फैशन सिर्फ दिखावे तक नहीं रुकता, लोग ऐसी एक्सेसरीज पसंद कर रहे हैं जो स्टाइल के साथ पॉजिटिव एनर्जी भी दें। हैंडमेड सेमीप्रेशियस स्टोन ब्रेसलेट्स इस ट्रेंड का परफेक्ट उदाहरण हैं। हर स्टोन नैचुरल मिनरल से बना होता है, इसलिए हर ब्रेसलेट यूनिक और प्रीमियम लगता है। ये सिर्फ फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि एक मीनिंगफुल एक्सेसरी भी हैं। ज्वेलरी डिजायनर प्रज्ञा टिबरीवाल (Jewellery Designer Pragya Tibriwal) कहती हैं, चाहे आप कैज़ुअल जींस-टीशर्ट पहनें या ट्रेडिशनल लुक अपनाएं, ये ब्रेसलेट्स हर आउटफिट में एलिगेंट और स्टाइलिश टच जोड़ते हैं। साथ ही, इन्हें पहनने से अंदर से भी शांति, पॉजिटिविटी और बैलेंस महसूस होता है, जो आज की तेज और तनावपूर्ण लाइफस्टाइल में बेहद जरूरी है। Handmade Semi Precious Stone Bracelets full of positive energy by Jaipur Jewellery Designer Pragya Tibriwal

पॉजिटिव एनर्जी और हीलिंग
प्रज्ञा कहती हैं, ये ब्रेसलेट्स प्राकृतिक खनिजों से बने होते हैं और हर पत्थर अपने आप में अद्वितीय और खास होता है। ये किसी भी आउटफिट में टेक्सचर और रंग से आसानी से मैच हो जाते हैं, चाहे आप बोहो लुक चाहें या कुछ सॉफिस्टिकेटेड। प्लास्टिक या बेस मेटल की ज्वेलरी की तरह ये समय के साथ फीके नहीं पड़ते। कई लोग इन ब्रेसलेट्स को ऊर्जात्मक और हीलिंग गुणों के लिए पहनते हैं। माना जाता है – :
- अमेथिस्ट मन को शांत करता है और ध्यान में मदद करता है
- रोज क्वार्ट्ज प्यार और भावनात्मक संतुलन को बढ़ाता है
- ब्लैक टूरमलाइन नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा देता है
- हेमाटाइट फोकस व ग्राउंडिंग में सहायक होता है।
सेमीप्रेशियस ब्रेसलेट्स को माइंडफुलनेस और ध्यान के टूल की तरह भी इस्तेमाल किया जाता है। कई लोग इन्हें किसी खास उद्देश्य के साथ पहनते हैं, जैसे धैर्य, शांति या सकारात्मक सोच बनाए रखना और हर बार कलाई पर स्टोन महसूस होने पर वह लक्ष्य याद आता है, जिससे ध्यान केंद्रित रहना आसान होता है।

फैशन में वर्सेटाइल और क्लासी
सेमीप्रेशियस स्टोन ब्रेसलेट्स हैंडमेड हैं और इसे बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी सामग्री तैयार करनी होती है। सबसे जरूरी हैं सेमीप्रेशियस स्टोन्स जैसे अमेथिस्ट, रोज क्वार्ट्ज, लैपिस लाज़ुली या टाइगर आई, जो प्राकृतिक खनिजों से बनते हैं और खूबसूरत दिखते हैं। इसके अलावा इलास्टिक डोरी (0.7 एमएम या 0.8 एमएम) सबसे अच्छी होती है, क्योंकि यह लचीली और मजबूत रहती है। अगर बीड्स के छेद छोटे हों तो बीडिंग नीडल काम आती है, और डिजाइन को और शानदार बनाने के लिए स्पेसर बीड्स भी इस्तेमाल किए जाते हैं। छोटे स्पेसर बीड्स और खास फोकल स्टोन के साथ डिजाइन किए जाने पर ये और भी प्रीमियम और आकर्षक लगते हैं। यही वजह है कि ये सिर्फ ज्वेलरी नहीं, बल्कि स्टाइल और क्रिएटिविटी का शानदार कॉम्बिनेशन बन चुके हैं।
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