100 मीटर या इससे अधिक ऊंची पहाड़ी ही अरावली मानी जाएगी, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर पुनर्विचार की मांग
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। 100 मीटर या इससे अधिक ऊंची पहाड़ी ही अरावली मानी जाएगी, सुप्रीम कोर्ट में इस आदेश के बाद देशभर में अरावली संरक्षण को लेकर अलग-अलग मंचों से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अरावली संरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस ने भी शनिवार को राजस्थान के विभिन्न जिलों में रैली और विरोध प्रदर्शन किया, इधर प्रदेश की भाजपा सरकार साख बचाने के लिए बैठकें कर अरावली संरक्षण से संबंधित निर्देश जारी कर रही है। Save Aravalli #SaveAravalli
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीएम भजनलाल ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रृंखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी। उन्होंने अधिकारियों को हरित अरावली विकास परियोजना के तहत होगा सघन वृक्षारोपण के निर्देश भी दिए हैं।
केन्द्र सरकार का आदेश जनता को गुमराह करने के लिए, जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं बदलेगा, अरावली नहीं बचेगी

कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन कर अरावली पर्वतमाला के संरक्षण की मांग की। कांग्रेस पदाधिकारियों ने केन्द्र और राज्य सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने जिस तरह से सुप्रीम कोर्ट में अरावली की परिभाषा बदली है कि 100 मीटर से ऊंचाई की पहाड़ियों को ही अरावली माना जाए, वो ठीक नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से खनन पर रोक के आदेश पर कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा यह लोगों को गुमराह करने के लिए है। फैसला तो सुप्रीम कोर्ट में बदलवाना चाहिए। क्योंकि कोर्ट का फैसला तो आज भी वही है। जब तक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं बदलेगा, तब तक ये लोग अवैध खनन कर पहाड़ियों को बेच खाएंगे।
कांग्रेस ने कहा आज देश की जनता में इस आदेश को लेकर गुस्सा है, प्रदर्शन हो रहे हैं तो सरकार ने अपनी साख बचाने के लिए नए खनन पट्टों पर रोक लगायी है, कल माहौल शांत होगा तो ये चुपचाप से नए खनन पट्टे भी जारी कर देंगे। इसलिए अरावली को बचाने के लिए रिव्यू पिटीशन दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलना होगा।
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