ऑपरेशन सिंदूर से गौरांवित होने वाली सरकार एनसीसी के एयरविंग कैडेट्स के लिए नहीं भर पा रही एयरपोर्ट हैंगर का किराया
लकी जैन,उदयपुर (एआर लाइव न्यूज)। नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) देश के युवा को अनुशासन, देशभक्ति, स्वाभिमान सिखाकर एक कैडेट बनाती है और आगे चलकर यही कैडेट्स सेना के आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में चयनित होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान देते हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने देश के हर नागरिक को गौरांवित किया, कई पेरेन्ट्स ने बच्चों को एयरफोर्स में भेजने का सपना देख लिया, लेकिन उदयपुर में कई पेरेंट्स के सपने टूटने की कगार पर है और एनसीसी एयरविंग के कैडेट्स के कॅरियर पर संकट खड़ा हो गया है। इसका कारण है राज्य सरकार का एयरपोर्ट अथॉरिटी को माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट हैंगर का किराया नहीं भर पाना। udaipur NCC air wing cadet could not get microlight aircraft flying training in udaipur
जानकारी के अनुसार उदयपुर के एनसीसी एयरविंग में 1100 कैडेट्स हैं। इन कैडेट्स के सिलेबस में माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट फ्लाइंग ट्रेनिंग अनिवार्य है, सिलेबस पूरा होने के बाद ही ये कैडेट्स बी और सी सर्टिफिकेट एग्जाम दे सकते हैं। लेकिन उदयपुर में राज्य सरकार द्वारा एयरपोर्ट अथॉरिटी को हैंगर का करीब 10 लाख 40 हजार रूपए रेंट दिया जाना बकाया है। इससे उदयपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी कैडेट्स को फ्लाइंग परमीशन नहीं दे रही है। इस 10 लाख 40 हजार रूपए के किराये के चलते एनसीसी एयरविंग के 1100 कैडेट्स सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। सेना में भर्ती परीक्षा के दौरान एनसीसी के “बी” और “सी” सर्टिफिकेट का अभ्यर्थी को काफी फायदा मिलता है। ऐसे में इन कैडेट्स के सेना में भर्ती होने का सपना इन्हें टूटता दिख रहा है।
परिजनों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझा
एनसीसी कैडेट्स के अनुसार उदयपुर में फ्लाइंग परमीशन नहीं मिलने पर एनसीसी निदेशालय ने उदयपुर एनसीसी के एयरविंग के कैडेट्स को माइक्रो लाइट एयरक्राफ्ट फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए कोटा जाने का विकल्प दिया था। ऐसे में इन कैडेट्स को फ्लाइंग ट्रेनिंग के लिए कोटा के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। गौर करने वाली बात यह भी है कि सभी कैडेट्स कोटा जाने में सक्षम नहीं है, कुछ कैडेट्स परिजनों के साथ कोटा जा रहे हैं, तो कोटा आने-जाने, वहां ठहरने से लेकर सभी खर्चों का बोझ परिजनों पर पड़ रहा है।
लेटर लिखा, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ
जानकारी के अनुसार उदयपुर के एनसीसी एयरविंग की तरफ से इस संबंध में एनसीसी मुख्यालय के जरिए राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया गया है। लेकिन कैडेट्स की समस्या का अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।
एयरपोर्ट अथॉरिटी से बात कर जल्द ही समाधान करवाएंगे : संयुक्त सचिव, उच्च शिक्षा, राजस्थान सरकार
इस मामले में राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव प्रो. मुकेश शर्मा से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को सरकार ने जमीन इसी शर्त पर उपलब्ध करवायी थी कि वहां एनसीसी एयरक्राफ्ट हैंगर निशुल्क रहेगा। कैडेट्स की फ्लाइंग ट्रेनिंग का मामला हमारी जानकारी में है। हम जल्द ही एयरपोर्ट अथॉरिटी से इस संबंध में बात कर इसका समाधान करवाएंगे।
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