दो चरण में होगी और 30 लाख कर्मचारी इस कार्य को पूरा करेंगे
नई दिल्ली,एआर लाइव न्यूज। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज शुक्रवार को 11718.24 करोड़ रुपये की लागत से भारत की जनगणना 2027 कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। भारत की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। लगभग 30 लाख कर्मचारी इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूरा करेंगे। भारत की जनगणना 2027 में देश की समस्त जनसंख्या को शामिल किया जाएगा। इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी। 2021 में नई जनगणना होनी थी,लेकिन कोरोना काल के चलते जनगणना कार्य नहीं हो पाया। Census of India 2027
भारत की जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में घरों की सूची बनाना (हाउसलिस्टिंग) और आवास (हाउसिंग) जनगणना का काम अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान होगा। दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना (पीई) फरवरी 2027 (केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के बर्फ से प्रभावित गैर-समकालिक क्षेत्रों और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड राज्यों के लिए पीई सितंबर, 2026 में की जाएगी)। Census of India 2027
मोबाइल ऐप और मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल पोर्टल का उपयोग किया जाएगा
डेटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप और मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। डाटा प्रसार बेहतर और अधिक यूज़र फ्रेंडली तरीके से होगा ताकि नीति निर्माण के लिए आवश्यक मानकों पर सभी प्रश्न एक बटन क्लिक करते ही प्राप्त हो जाए। जनगणना प्रक्रिया में हर घर में जाना और हाउसलिस्टिंग तथा हाउसिंग जनगणना और जनसंख्या गणना के लिए अलग-अलग प्रश्नावली तैयार करना शामिल है।
जाती डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से भी शामिल होंगे
राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति ने 30 अप्रैल 2025 को समिति की बैठक में आगामी जनगणना यानी जनगणना 2027 में जाति गणना को शामिल करने का निर्णय किया था। जनगणना 2027 के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना (पीई) में जाति डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से भी शामिल किया जाएगा। इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी। 2021 में नई जनगणना होनी थी, लेकिन कोरोना काल के चलते जनगणना कार्य नहीं हो पाया।
30 लाख फील्ड कार्मिक लगाए जाएंगे
लगभग 30 लाख फील्ड कर्मचारियों को, जिनमें एन्यूमरेटर, सुपरवाइज़र, मास्टर ट्रेनर, प्रभारी अधिकारी और प्रधान,जिला जनगणना अधिकारी शामिल हैं। डेटा कलेक्शन, मॉनिटरिंग और जनगणना अभियान के पर्यवेक्षण के लिए तैनात किया जाएगा। सभी जनगणना कर्मचारियों को जनगणना के काम के लिए उपयुक्त मानदेय प्रदान किया जाएगा क्योंकि वे अपने नियमित कार्य के अतिरिक्त यह काम भी करेंगे। जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए अलग-अलग दायित्वों को पूरा करने हेतु, स्थानीय स्तर पर लगभग 550 दिनों के लिए लगभग 18,600 तकनीकी श्रमबल का उपयोग किया जाएगा। दूसरे शब्दों में, लगभग 1.02 करोड़ मानव दिवसों का रोजगार सृजित होगा।
देश की आजादी के बाद यह 8वीं जनगणना होगी
गृह मंत्रालय के अनुसार जनगणना 2027 देश में 16वीं जनगणना और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी। जनगणना गांव, शहर और वार्ड स्तर पर प्राथमिक डेटा उपलब्ध कराने का सबसे बड़ा स्रोत है, जो घर की स्थिति, सुविधाएं और परिसंपत्तियां, जनसांख्यिकीय, धर्म, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति, भाषा, साक्षरता और शिक्षा, आर्थिक कार्यकलाप, प्रवासन और उर्वरता जैसे अलग-अलग मानकों पर सूक्ष्म स्तर डेटा प्रदान करता है। इससे पहले 2011 में देश में जनगणना हुई थी। 2021 में नई जनगणना होनी थी,लेकिन कोरोना काल के चलते जनगणना कार्य नहीं हो पाया।
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