इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल के वकील और न्यायिक सदस्य की गिरफ्तारी के बाद हुए और भी बड़े खुलासे
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) द्वारा पिछले दिनों जयपुर में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की न्यायिक सदस्य और वकील की रिश्वत लेने के आरोप में हुई गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। सीबीआई ने ट्रिब्यूनल में चल रही एक नहीं, बल्कि 6 अपीलों से संबंधित कोटा के बिल्डर ग्रुप के डायरेक्टर्स, भीवाड़ी के व्यवसायी, कंपनियों के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स सीए सहित 11 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। इस सिंडीकेट में इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल में व्यापारियों द्वारा की गयी अपीलों का निस्तारण कर उनके मनमाफिक निर्णय करने के नाम पर रिश्वत का लेन-देन चल रहा था। CBI Raid on ITAT : CBI Filed FIR against builder group kota including 11 accused in bribe syndicate of income tax appellate tribunal
सीबीआई ने जयुपर में इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) के मामलों के वकील राजेन्द्र सिसोदिया, ITAT असिस्टेंट रजिस्ट्रार केसी मीणा, कोटा की यश अक्षय बिल्डर्स एंड डवलपर्स कंपनी के डायरेक्टर आलौकिक जैन, शोभित काला, मनीष धारीवाल, कंपनी के सीए गौरव जैन, एक अन्य अपील में कोटा के लाडपुरा निवासी मुजम्मिल, भिवाड़ी के व्यापारी प्रवीण लांबा, इनके सीए मनीष शर्मा, सीए सुहानी महरवाल के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है।
इन लोगों से संबंधित 6 अपीलें इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल में चल रही थीं, जिनका इन व्यवसायियों के अनुसार फैसला करवाकर निस्तारण करवाने की एवज में रिश्वत का लेन-देन हुआ है। चार अपीलें यश अक्षय बिल्डर्स एंड डवलपर्स कंपनी की ओर से चल रही थी, एक अपील कोटा के मुजम्मिल से संबंधित थी और एक अपील भिवाड़ी के प्रवीण लांबा की थी।
लाखों रूपए रिश्वत की हुई लेन-देन
सीबीआई एफआईआर के अनुसार यश अक्षय बिल्डर्स एंड डवलपर्स कंपनी की चार अपीलों में उनके फेवर का आदेश देने की एवज में कंपनी के डायरेक्टर्स ने 35 लाख रूपए की मांग की गयी थी। 31 लाख रूपए रिश्वत में डील फाइनल हुई। 18 नवंबर को कंपनी के दो डायरेक्टर सीए के साथ रिश्वत राशि लेकर कोटा से जयपुर आए। डायरेक्टर्स ने वकील राजेन्द्र सिसोदिया को डील के अनुसार 31 लाख रूपए असिस्टेंट रजिस्ट्रार तक पहुंचाए।
30 अक्टूबर को केसी मीणा ने एक अन्य अपील में भी अपीलकर्ता भिवाड़ी के प्रवीण लांबा से उसके फेवर का ऑर्डर करने की एवज में सीएम सुहानी के जरिए 1.25 लाख रूपए रिश्वत मांगी। यह राशि केसी मीणा की तरफ से सीए सुहानी ने अपीलकर्ता प्रवीण लांबा के सीए मनीष शर्मा से प्राप्त की।
5.5 लाख रूपए के साथ आईफोन प्रो-17 भी रिश्वत में मांगा
एक अन्य अपील में वकील राजेंद्र सिसोदिया ने कोटा के लाडपुरा निवासी अपीलकर्ता मुजम्मील से 5.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत राशि का इंतजाम होने पर मुजम्मिल ने वकील सिसोदिया को बताया कि उन्होंने रिश्वत के पैसे का इंतज़ाम कर लिया है और मुजम्मील 25 नवंबर को हवाला चैनल के जरिए रिश्वत राशि राजेंद्र सिसोदिया को देने वाले हैं, सिसोदिया के डील में रिश्वत राशि के साथ ही मुजम्मील से एक आईफोन प्रो-17 का इंतजाम करने को भी कहा और बताया कि यह ट्रिब्यूनल की न्यायिक मेंबर सीतालक्ष्मीण को दिया जाएगा। सीबीआई की टीम ने इसी दिन इसी केस में रिश्वत लेन-देन के आरोप में न्यायिक सदस्य, वकील और अपीलकर्ता को गिरफ्तार किया था।
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