मेटल और माइनिंग सेक्टर की 235 कंपरियों में से इण्डस्ट्री लीडिंग एसएण्डपी ग्लोबल सीएसए 2025 के लिए 90 स्कोर प्राप्त किए
एआर लाइव न्यूज। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने 5 नवंबर 2025 तक एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (सीएसए) 2025 में मेटल और माइनिंग क्षेत्र में विश्व में लगातार तीसरे वर्ष पहला स्थान बरकरार रखा है। कंपनी ने लगातार तीसरे वर्ष सस्टेनेबिलिटी में हैट्रिक बनाते हुए मेटल माइनिंग सेक्टर की 235 कंपनियों से अधिक 100 में से 90 सीएसए स्कोर प्राप्त किया, खासबात है कि यह स्कोर पिछले पांच वर्षों में सर्वाधिक है। Hindustan Zinc Retains Global No 1 Ranking in S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2025 for 3rd Consecutive Year
गत वर्ष हिन्दुस्तान जिंक ने 2024 के मूल्यांकन के अनुसार 86 अंकों के साथ धातु और खनन उद्योग में वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस वर्ष, हिन्दुस्तान जिंक ने जलवायु रणनीति, सामुदायिक संबंध, अपशिष्ट और प्रदूषकों जैसे प्रमुख मापदंडों में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए।
एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (सीएसए) पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक (ईएसजी) प्रदर्शन के आकलन के लिए दुनिया के अग्रणी मानदंडों में से एक है। यह ईएसजी मानदंडों के आधार पर कंपनियों का मूल्यांकन करता है और उनकी सस्टेनेबिलिटी प्रथाओं का एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। ये रैंकिंग कंपनियों के लिए अपने ईएसजी प्रदर्शन का आकलन करने, सुदृढ़ीकरण के क्षेत्रों की पहचान और वैश्विक सस्टेनेबिलिटी मानकों के साथ तालमेल बिठाने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करती हैं।
यह ईएसजी उत्कृष्टता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता दर्शाती है : प्रिया अग्रवाल हेब्बर
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक की चेयरपर्सन प्रिया अग्रवाल हेब्बर ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष मेटल और माइनिंग क्षेत्र में विश्व की सबसे सस्टेनेबल कंपनी के रूप में मान्यता प्राप्त होना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह मान्यता ईएसजी उत्कृष्टता के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता और जिम्मेदार, समावेशी विकास की हमारी निरंतर खोज को दर्शाती है।
यह मान्यता दुनिया के सबसे स्थायी धातु और खनन संगठन के रूप में कंपनी की स्थिति को मजबूत करती है, जिस पर वैश्विक निवेशकों, भागीदारों और हितधारकों का समान रूप से भरोसा है। कंपनी का निरंतर नेतृत्व पर्यावरण प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा परिवर्तन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, सुरक्षा और सामाजिक प्रदर्शन में एकीकृत सस्टेनेबिलिटी दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह स्कोर यह भी दर्शाता है कि कंपनी 2050 तक अपने नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है।
पर्यावरणीय सामूहिक प्रयासों का परिणाम है यह स्कोर
- इकोजेन- एशिया की पहली कम कार्बन वाली जिंक जैसी पहलों और निरंतर डीकार्बोनाइजेशन उपायों के माध्यम से, हिन्दुस्तान जिंक औद्योगिक नवाचार और जलवायु उत्तरदायित्व में मानक स्थापित कर रहा है।
- कंपनी 3.32 गुना वाटर.पॉजिटिव भी है और हाल ही में इंटरनेशनल कांउसिंल ऑन माइनिंग एण्ड मेटल्स में शामिल होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी।
- कंपनी ने अपने परिचालनों में वृत्ताकार अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को एकीकृत किया है
- प्रमुख स्थलों पर 100 प्रतिशत से अधिक वॉटर रिसायकल किया है
- लैंडफिल में जीरो वेस्ट बनाए रखा है और जिम्मेदार खदान संचालन को सुनिश्चित किया है।
- 530 मेगावाट बिजली वितरण एमओयू के साथ, हिन्दुस्तान जिंक की योजना वित्त वर्ष 2028 तक अपनी 70 प्रतिशत बिजली रिन्यूएबल स्रोतों से प्राप्त करने की है।
- कंपनी अपनी स्मार्ट माइनिंग पहल के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों, कम उत्सर्जन वाले ईंधन वाहनों और डिजिटल दक्षता प्रणालियों को अपनाकर रही है।
- पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ ही हिन्दुस्तान जिंक की सस्टेनेबिलिटी में सामाजिक प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आजीविका और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना शामिल है


