एआर लाइव न्यूज। प्रवर्तन निदेशालन (ईडी) ने प्रदेश के बीकानेर में सादिक खान (Md. Sadeeque Khan) और उसके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। सोमवार को प्रवर्वन निदेशालय ने जानकारी साझा की कि यह कार्रवाई अवैध धर्मांतरण, हथियारों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित मामले के तहत की गयी है।
ईडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 सितंबर को ईडी जयपुर की टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत राजस्थान के बीकानेर में सादिक खान और उनके करीबी सहयोगियों से संबंधित 4 स्थानों पर धन शोधन मामले में तलाशी अभियान चलाया। ईडी ने आईपीसी 1860 और शस्त्र अधिनियम 1959 की धाराओं के तहत बीकानेर के कोटगेट थाने में दर्ज एफआईआर और जमीयत अहले हदीस (जेएएच) बीकानेर के अमीर के रूप में पहचाने जाने वाले सादिक खान के खिलाफ प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के आधार पर जांच शुरू की।

ट्रस्ट के खातों में अज्ञात स्त्रोतों से हुआ करोड़ों का ट्रांजेक्शन
ईडी के अनुसार सादिक की पहचान हवाला लेन-देन और धन शोधन गतिविधियों के संबंध में की गई है। गैरकानूनी धर्म-परिवर्तन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के बारे में भी जानकारी मिली। यह भी बताया गया है कि उस पर एक आतंकवादी संगठन का समर्थक होने का संदेह है और उसने धार्मिक और कट्टरपंथी उद्देश्यों का समर्थन करने वाले गैर सरकारी संगठनों को वित्तीय सहायता प्रदान की है।
तलाशी अभियान के दौरान पाया गया कि सादिक खान अलफुरकान एजुकेशनल ट्रस्ट के अध्यक्ष पद पर थे, जो मस्जिद-ए-आयशा ट्रस्ट के संचालन की भी देखरेख करता था। सादिक खान ने इन ट्रस्टों सहित विभिन्न खातों में भारी नकद जमा प्राप्त किया है और वह अपने द्वारा संचालित और नियंत्रित लगभग 20 बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के बड़े वित्तीय लेनदेन में शामिल रहा है। इन जमाओं का स्रोत उसने स्पष्ट नहीं किया और यह संदिग्ध बना रहा। जबकि उसके पास कोई वैध और पर्याप्त व्यक्तिगत आय नहीं पाई गई।

बिना व्यक्तिगत आय के पिछले कुछ वर्षों में 5 देशों की कई यात्राएं कीं
जांच में ईडी ने पाया कि सादिक खान ने पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश, ईरान, ओमान, नेपाल, कतर आदि देशों की कई विदेश यात्राएं की थीं और इन देशों में लंबे समय तक रहा था। तलाशी के दौरान बांग्लादेश में एक गैर सरकारी संगठन को उसके द्वारा दी गई वित्तीय सहायता से संबंधित साक्ष्य बरामद किए गए हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने में सादिक खान की संलिप्तता से संबंधित डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिनमें इजराइली ध्वज को जलाने के वीडियो भी शामिल हैं।
तलाशी अभियान के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों और बयानों से उसकी संदिग्ध माध्यमों से विदेशी धन संग्रह, हथियारों की तस्करी, भड़काऊ सामग्री का प्रसार, जबरन धर्म परिवर्तन और व्यक्तिगत एवं वैचारिक लाभ के लिए धार्मिक संस्थानों का दुरुपयोग करने सहित विभिन्न संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा हुआ है।

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