कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पहली बार उपयोग हुआ एआई बेस्ड बायोमेट्रिक अटेंडेंस सॉफ्टवेयर
- बायोमैट्रिक लेते ही खुल गयी पूरी हिस्ट्री कब-कब कौन-कौन सी परीक्षा किस नाम से दी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान पुलिस विभाग में 10 हजार पदों के लिए हुई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में पहली बार एक ऐसा स्पेशल एआई बेस्ड बायोमैट्रिक सॉफ्टवेयर का उपयोग हुआ है, जिसने नकल गिरोहों के डमी कैंडीडेट से परीक्षा दिलवाने के मंसूबों को पूरी तरह खत्म कर दिया। constable recruitment exam 2025 : udaipur police caught dummy candidate in exam by use AI based biometric entry software
इस सॉफ्टवेयर की मदद से न सिर्फ इस परीक्षा में, बल्कि उस परीक्षार्थी द्वारा पूर्व में दी गयी परीक्षाओं और उसमें दिए नाम की डिटेल तक आ गयी, मतलब अभ्यर्थी ने पहले कब-कब, कौन-कौन सी परीक्षा किस-किस नाम से दी, इस बात का खुलासा तक हो गया। इस तकनीक से उदयपुर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र और सुखेर थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केन्द्रों से 1-1 संदिग्ध डमी कैंडीडेट और जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित सेंटर से 1 संदिग्ध डमी कैंडीडेट पकड़े गए है।
परीक्षार्थी परीक्षा देने सेंटर पहुंचा तो पता चला वह पूर्व में डमी कैंडीडेट रहा है
उदयपुर एसपी योगेश गोयल ने बताया कि परीक्षा केन्द्र पर हर परीक्षार्थी की एआई बेस्ड बायोमैट्रिक सॉफ्टवेयर से अटेंडेंस ली गयी। जैसे ही परीक्षार्थी के बायोमैट्रिक इंप्रेशन लिए गए उसकी पूरी हिस्ट्री आ रही थी, जिसमें यह पता चल रहा था कि ये बायोमैट्रिक इंप्रेशन कब-कब, किन परीक्षाओं में और किस नाम के साथ उपयोग हुए हैं। कांस्टेबल भर्ती के लिए उदयपुर शहर स्थित परीक्षा केन्द्र पर ऐसा परीक्षार्थी पहुंचा, जो इस परीक्षा के लिए तो वहीं वास्तविक परीक्षार्थी था, लेकिन जैसे ही उसके बायोमैट्रिक इंप्रेशन लिए गए तो पूर्व में उसके द्वारा दी गयी परीक्षा में किसी अन्य का नाम था। ऐसे में पकड़े गए परीक्षार्थी पूर्व में दी गयी परीक्षा में सस्पेक्टेड डमी कैंडीडेट है। इन संदिग्ध परीक्षार्थियों के खिलाफ पूर्व में दी गयी परीक्षाओं के मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू कर जांच की जा रही है।
जयपुर में पकड़ा गया डमी कैंडीडेट
जयपुर के मुरलीपुरा थाना क्षेत्र स्थित परीक्षा केन्द्र पर भी ऐसा ही मामला आया, जिसमें बायोमैट्रिक अटेंडेस लेते ही पता चला कि पकड़े गए कैंडीडेट ने पूर्व में किसी अन्य की जगह परीक्षा दी थी। ऐसे में जयपुर की मुरलीपुरा थाना पुलिस ने इस कैंडीडेट के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
परीक्षार्थी की ऐसे खुली पूरी हिस्ट्री
पुलिस ने बताया कि एआई बेस्ड बायोमैट्रिक सॉफ्टवेयर के जरिए जैसे ही परीक्षार्थी की अटेंडेंस ली जाती है और उसके बायोमैट्रिक इंप्रेशन लेते ही उस परीक्षार्थी की पूरी डिटेल आ जाती है। उसने कब-कब कौन-कौन से एग्जाम दिए हैं और किस नाम से दिए हैं, एक बारे में सारी डिटेल आ जाती है।

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