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उदयपुर में दुर्लभ बीमारी का बिना सर्जरी हुआ सफल इलाज

Lucky Jain by Lucky Jain
July 11, 2025
Reading Time: 1 min read
Rare disease successfully treated without surgery in geetanjali hospital Udaipur


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3 साल से बीमारी से जूझ रही महिला को गीतांजली हॉस्पिटल में मिली नई जिंदगी

  • पूर्व में हुई टीबी की बीमारी के कारण रोगी की श्वास नली और भोजन नली के बीच एक छेद बन गया

उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। दुर्लभ बीमारी से पीड़ित महिला का गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में बिना सर्जरी सफल उपचार हुआ है। महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है, जबकि कुछ दिन पहले तक महिला की खांसी थमने का नाम नहीं ले रही थी और जीवन अत्यन्त कष्टदायक हो गया था। Rare disease successfully treated without surgery in geetanjali hospital Udaipur

39 वर्षीय महिला पिछले तीन वर्षों से लगातार खांसी से पीड़ित थीं, शुरूआती जांचों में महिला टीबी (Pulmonary Tuberculosis) की बीमारी से पीड़ित होना पायी गयी। इस पर गीतांजलि हॉस्पिटल में उसे टीबी का इलाज दिया गया। यह कोर्स छह महीनों में पूरा हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद महिला की खांसी ठीक नहीं हो रही थी।

समस्या की जड़ को जानने के लिए गीतांजलि हॉस्पिटल के टीबी एवं चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव छाबड़ा ने महिला को गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज गुप्ता को दिखाने की सलाह दी। डॉ. पंकज गुप्ता ने जब गहन जांच और एंडोस्कोपी की तो चौंकाने वाला खुलासा, महिला दुर्लभ बीमारी से पीड़ित थी। रोगी की श्वास नली (Trachea) और भोजन नली (Esophagus) के बीच एक छेद (Tracheo-esophageal Fistula) बन गया था। यह स्थिति अत्यंत दुर्लभ होती है और सामान्यतः कैंसर जैसी जटिल बीमारियों में देखी जाती है। इस मरीज में यह समस्या पूर्व में हुई टीबी की वजह से उत्पन्न हुई थी, जो चिकित्सकीय दृष्टि से अत्यंत असामान्य है।

इलाज के दो विकल्पों में से एक को चुना

इलाज की चुनौतीपूर्ण स्थिति को देखते हुए दो विकल्पों पर विचार किया गया। पहला ओपन सर्जरी द्वारा फिस्टुला को बंद करना या एंडोस्कोपी से आधुनिक क्लिपिंग तकनीक द्वारा इसे ठीक करना। मरीज और उनके परिजनों को दोनों विकल्पों की जानकारी दी गई। अंततः एंडोस्कोपी से इलाज को प्राथमिकता दी गई।

डॉ. पंकज गुप्ता और उनकी टीम ने लगभग 10 मिनट की प्रक्रिया में अत्याधुनिक एंडोस्कोपिक क्लिप लगाकर फिस्टुला को बंद कर दिया। मरीज को 48 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया और पूरी तरह स्वस्थ होने पर महिला को डिस्चार्ज कर दिया गया। आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और नियमित फॉलोअप पर हैं।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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