उदयपुर व बीकानेर संभाग में तापमान सामान्य से काफी ऊपर आ चुका
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मानसून के एक ही जगह अटकने और पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ने से उदयपुर सहित देश के कई भागों में एक बार फिर गर्मी का असर तेज हो गया है। कुछ जगह हीटवेव का दौर फिर से शुरू होने से आमजन प्रभावित नजर आ रहा है। उदयपुर में भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री के करीब पहुंच चुका है जबकि पिछले महीने रूक रूक कर बारिश होने से उदयपुर में अधिकतम तापमान औसत से 5.1 डिग्री नीचे आ गया था। बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर और चुरू में भी दिन का तापमान औसत से नीचे आ गया था। temperature increase in rajasthan
इन दिनों पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से उदयपुर व बीकानेर संभाग में तापमान सामान्य से काफी ऊपर आ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा, जयपुर व जोधपुर संभाग में तापमान औसत से अधिक दर्ज हो रहा है। इससे साफ हो रहा है कि राजस्थान के अधिकांश भाग एक बार फिर तपने लगे है और आमजन प्रभावित हो रहा है। temperature increase in rajasthan
गर्मी तेज होने से उदयपुर में फतहसागर सहित अधिकांश पर्यटन स्थलों पर भी दिन भर विरानी नजर आने लगी है। राजस्थान के अधिकांश जिलों में रात का तापमान भी औसत से अधिक दर्ज होने से आमजन रात में भी गर्मी से परेशान नजर आ रहा है। पिछले 24 घंटों में राजस्थान में गंगानगर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 47.3 दर्ज किया गया।
राजस्थान में 4-5 दिन हीटवेव का असर बना रहेगा
पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में 4-5 दिन हीटवेव, ऊष्णरात्री का दौर जारी रहने की प्रबल संभावना है। गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों में 2-3 दिन अधिकतम तापमान 47 से 48 डिग्री व तीव्र हीटवेव की प्रबल संभावना है। पूर्वी राजस्थान में भी कहीं-कहीं हीटवेव व ऊष्णरात्री का दौर आगामी 3-4 दिन जारी रहने की संभावना है।
मानसून तेजी से आगे बढ़ा था, लेकिन अचानक धीमा पड़ गया
इस साल मानसून मौसम विभाग के पूर्वानुमान से भी पहले आगे बढ़ना शुरू हुआ और शुरूआती दौर में उसकी प्रगति काफी अच्छी बनी रही। मानसून 13 मई 2025 से 19 मई के बीच हर दिन आगे बढ़ा था। उसके बाद 24 मई, 25 मई और 26 मई को भी मानसून ने प्रगति की, लेकिन उसके बाद से मानसून ठिठक सा गया। जब तक पूर्वी हवाओं का प्रभाव नहीं बढ़ेगा तब तक मानसून की प्रगति होना मुश्किल है।

वर्तमान में मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटा, पुरी, सैंडहेड द्वीप, बालुरघाटसे होकर गुजर रही है। 4 जून 2025 से मानसून इसी स्थिति में ठिठका हुआ है। पूर्वी भारत में कुछ भागों में मानसून 29 मई को जरूर मामूली आगे बढ़ा था, लेकिन उसके बाद वहां भी स्थिर हो गया। हालांकि अभी राजस्थान में मानसून के प्रवेश को लेकर देरी नहीं हुई है। भारतीय मौसम विभाग ने आगामी 20 जून तक मानसून के मेवाड़-हाड़ौती के रास्ते राजस्थान में प्रवेश का अनुमान लगाया है।
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