करीब 20 साल पहले तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता पर तानी थी पिस्तौल
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। विधायक पर करीब 20 साल पहले उपसरपंच के चुनाव में तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता (वर्तमान में आईएएस अधिकारी) पर पिस्तौल तानने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। उस पर कोर्ट ने विधायक मीणा को तीन साल की सजा सुनाई। 21 मई 2025 को कंवरलाल मीणा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। वहां से उनको जेल भेज दिया गया। BJP MLA Kanwar Lal meena
विधायक को सजा होने के बाद कांग्रेस नियमानुसार भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की विधानसभा से तत्काल सदस्यता रद्द करने की मांग कर रही थी। आज राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अंता से विधायक कंवरलाल को राजस्थान विधान सभा की सदस्यता से दोष सिद्धी की दिनांक से निरर्हित कर दिया है। आज ही विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कंवरलाल मीणा की सदस्यता को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। BJP MLA Kanwar Lal Meena
इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए: देवनानी
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि अंता से विधायक कंवरलाल दोष सिद्धी की दिनांक से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191(1)(ई) सहपठित लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 (3) के अन्तर्गत निरर्हित हो गए है। उन्होंने बताया कि इससे राजस्थान विधान सभा में एक स्थान अंता (193) जिला बारां रिक्त हो गया है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि आज शुक्रवार को प्रात: 10.30 बजे महाधिवक्ता की विधिक राय प्राप्त होते ही कंवरलाल की सदस्यता निरर्हित कर दी गई है। देवनानी ने कहा कि वे किसी भी प्रकार के दबाव में कार्य नहीं करते है। वे किसी भी मामले में उससे सम्बंधित प्रत्येक पहलू का गहन अध्ययन करके ही विधि सम्मत और न्याय सम्मत ही निर्णय लेते है। इससे पहले भी विधान सभा से संबंधित अनेक विषयों पर विधान सभा के तत्कालीन अध्यक्षों ने बहुत अधिक समय लिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
विधायक को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली थी
विधायक कंवरलाल मीणा पर आरोप लगे थे कि उन्होंने 2005 में मनोहरथाना क्षेत्र में खाताखेड़ी पंचायत के उपसरपंच के चुनाव में पुनः मतदान करवाने के लिए रास्ता रोका। आरोप है कि उसी दौरान तत्कालीन एसडीएम रामनिवास मेहता की कनपटी पर पिस्टल तान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।
तीन साल की सजा होने के बाद विधायक ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली,लेकिन उनको वहां भी राहत नहीं मिली और कोर्ट ने विधायक मीणा को दो सप्ताह में सरेंडर करने के निर्देश दिए। इसके बाद 21 मई 2025 को कंवरलाल मीणा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। वहां से उनको जेल भेज दिया गया।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।
रोचक वीडियोज के लिए एआर लाइव न्यूज केhttps://www.youtube.com/@arlivenews3488/featured यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें


