खेरवाड़ा थाने का मामला: न्यायाधीश ने हॉस्पिटल आकर युवक को देखा और चिकित्सक से बात कर युवक की स्थिति जानी
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। खेरवाड़ा थाना पुलिस द्वारा 17 अप्रेल की रात लूट की योजना बनाते तीन-चार युवकों को पकड़ना भारी पड़ गया, इनमें से एक युवक पुलिस हिरासत में रहते हुए 18 अप्रेल को बेहोश हो गया, पुलिस उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंची और परिजनों को सूचना दी। पुलिस का कहना है कि युवक को ब्रेन फीवर है, जिससे उसकी तबियत खराब हुई और वह बेहोश है, वहीं युवक की मां लीलादेवी ने पुलिस पर युवक के साथ थाने में मारपीट का आरोप लगाया है। udaipur man faints in police custody kherwara police thana, family accuses police assault
ब्रेन फीवर के कारण बेहोश है युवक
खेरवाड़ा थानाधिकारी दलपत सिंह ने बताया कि खेरवाड़ा के बंजरिया गांव निवासी अभिषेक पुत्र बाबूराम को 17 अप्रेल की रात को उसके साथियों के साथ लूट की योजना बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अभिषेक के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक के मामले दर्ज हैं। शुक्रवार 18 अप्रेल को अभिषेक सहित पकड़े गए युवकों को कोर्ट में पेश करने ले जा रहे थे, इससे पहले सभी के परिजनों को सूचना दी। अभिषेक की मां को सूचना दी गयी। इस दौरान अभिषेक की तबियत खराब हो गयी, तो उसे स्थानीय अस्पताल दिखाया, जहां से उसे एमबी हॉस्पिटल रैफर किया गया।
अभिषेक एमबी हॉस्पिटल में भर्ती है। अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जबकि अभिषेक के बारे में न्यायालय को सूचना दी गयी, जिस पर न्यायाधीश हॉस्पिटल आए और चिकित्सकों से उसके बारे में बात की। चिकित्सक बता रहे हैं कि अभिषेक को ब्रेन फीवर हुआ है, जिससे वह बेहोश है।
हमें चिकित्सकों से मिलने तक नहीं दे रहे : लीलादेवी
हॉस्पिटल में भर्ती अभिषेक की मां लीलादेवी ने पुलिस पर उनके बेटे के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। लीलादेवी उदयपुर रोडवेज डिपो में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। लीलादेवी ने बताया बेटे को 17 अप्रेल को गिरफ्तार किया था, तब पुलिस ने मुझे कोई जानकारी नहीं दी। 18 अप्रेल को फोन आया कि अभिषेक को गिरफ्तार किया है, कोर्ट में पेश करेंगे, तो हम कोर्ट पहुंचे, फिर थोड़ी देर बाद दोबारा थाने से फोन आया कि कोर्ट नहीं हॉस्पिटल आना है। अभिषेक की तबियत खराब हो गयी है, तो उसे हॉस्पिटल ले जा रहे हैं। हॉस्पिटल में बेटा आईसीयू में बेहोश पड़ा है।
लीलादेवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बेटे के शरीर पर जगह-जगह नीले धब्बे हैं, थाने में पुलिस ने बेटे के साथ मारपीट की है, जिससे उसकी तबियत खराब हुई। लीलादेवी ने कहा बेटा आईसीयू में हैं, जैसे ही डॉक्टर आते हैं, पुलिसवाले हमें बाहर निकाल देते हैं, हमें डॉक्टर से तो मिलने दो, पता तो चले हमारे बच्चे के साथ हुआ क्या है।
मारपीट के आरोप गलत है, न्यायाधीश खुद हॉस्पिटल आकर युवक को देखकर गए हैं, तब जेसी किया है
एडि.एसपी अंजना सुखवाल ने बताया कि युवक हॉस्पिटल में भर्ती है। 17 अप्रेल की रात उसे और उसके साथियों को पुलिस ने बीएनएस की धारा 111 के तहत पकड़ा था। इसके साथियों से पता चला है कि वह नशे का आदी है, उस दिन भी नशा किए हुए था। युवक के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाने पर लाने के बाद युवक की तबियत खराब हुई, तो पुलिस उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंची और उसके परिजनों को सूचना दी।
युवक बेहोश है, ब्रेन मैपिंग, एमआरआई सहित उसके सभी टेस्ट कराए गए हैं, उम्मीद है कि उसे जल्द होश आ जाएगा। पुलिस ने कोर्ट को इस बारे में सूचना दी कि वह कोर्ट में पेश होने की स्थिति में नहीं है, इस पर न्यायाधीश खुद हॉस्पिटल आए और चिकित्सक से बात कर उसे देखा, इसके बाद उसके जेसी के आदेश दिए हैं। युवक की मां द्वारा लगाए गए मारपीट के आरोप गलत हैं।
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