फिजियोथेरेपी की विशेष तकनीकों से पोलियो रोगियों के निचले अंगों की ताकत को कर सकते हैं बहाल
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पोलियोग्रस्त रोगियों के जीवन की गुणवत्ता के प्रबंधन को लेकर डॉ. खुशबू अरोड़ा और डॉ. अरविंदर सिंह के शोध कार्य को जयपुर में हुए इंटरनेशनल स्पोर्ट्स रिहेब कॉन 2025 में सराहा और सम्मानित किया गया है। फिजियोथैरेपी क्लीनिक संचालक डॉ. खुशबू अरोड़ा ने कॉन्फ्रेंस में पोलियोग्रस्त रोगियों के लिए फिजियोथैरेपी की विशेष तकनीकों पर पेपर प्रस्तुत किया, जिन तकनीकों के माध्यम से पोलियो रोगियों के निचले अंगों की ताकत को बहाल कर सकते हैं और ऊपरी अंगों की शक्ति को भी बनाए रखा जा सकता है। dr khushboo arora and dr arvinder singh study work for polio patients is new hope of better life
डॉ. अरविंदर सिंह ने बताया कि यह अध्ययन उनका और डॉ. खुशबू अरोड़ा का संयुक्त प्रयास है, जिसका उद्देश्य 40 वर्ष से अधिक आयु के पोलियोग्रस्त रोगियों के बीच जागरूकता फैलाना और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इस अध्ययन में बताया गया है कि कैसे फिजियोथेरेपी की विशेष तकनीकों के माध्यम से पोलियो रोगियों के निचले अंगों की ताकत को बहाल किया जा सकता है और ऊपरी अंगों की शक्ति को बनाए रखा जा सकता है।
दैनिक कार्यों को आसानी से कर पा रहे हैं पोलियोग्रस्त रोगी
जिन पोलियोग्रस्त रोगियों पर यह अध्ययन किया गया, वे दैनिक कार्यों को आसानी से कर पा रहे हैं। इन तकनीकों से पोलियोग्रस्त रोगियों की रीढ़ की हड्डी की मजबूती में वृद्धि होती है, जिससे चलने-फिरने में आसानी होती है। यह शोध पोलियो से प्रभावित लोगों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने जीवन के उत्तरार्ध में हैं। dr khushboo arora and dr arvinder singh study work for polio patients is new hope of better life


