राज्य सरकार से प्राप्त आंक़ड़ों से हुआ खुलासा : Coaching Students Suicide Case Kota
लकी जैन, उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। देश में कोचिंग कैपिटल नाम से मशहूर कोटा शहर में कोचिंग के लिए आए स्टूडेंट्स के सुसाइड केस थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। नए वर्ष की शुरूआत के साथ ही बीते 11 दिनों में 4 स्टूडेंट्स आत्महत्या कर चुके हैं, इनमें दो स्टूडेंट एलन, एक फिजिक्सवाला और एक मोशन कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे थे। सवाल उठता है कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे स्टूडेंट्स पर ऐसा कितना प्रेशर क्रिएट किया जा रहा है कि वे उसे झेल नहीं पा रहे हैं। इन सवालों के बीच राज्य सरकार से प्राप्त बीते 10 वर्षों में कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्या के आंकड़ों में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। coaching students suicide case kota
प्रदेश सरकार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 से 2024 के बीच कोटा में 127 कोचिंग स्टूडेंट्स ने सुसाइड किया, इनमें से 82 स्टूडेंट्स एलन कॅरियर कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ रहे थे। कोटा में सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स में 65 प्रतिशत स्टूडेंट्स एलन के थे, बाकि 35 प्रतिशत स्टूडेंट्स रेजोनेंस, अनएकेडमी, फिजिक्स वाला, कॅरियर पॉइंट, बायब्रेंट, मोशन, आकाश और सर्वोत्तम कोचिंग संस्थान के थे। कोटा में 15 से 20 नामी कोचिंग संस्थान के अलावा बीसियों छोटे-बड़े कोचिंग इंस्टीट्यूट भी हैं, इसके बावजूद एक ही संस्थान एलन के स्टूडेंट्स में आत्महत्या की प्रवृति का यह प्रतिशत न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि चिंताजनक भी है। coaching students suicide case kota राज्य सरकार से प्राप्त आंकड़े:-

कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में अपनायी जा रही प्रेक्टिसेस की मॉनीटरिंग और कंट्रोल जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि इस मुद्दे पर स्पष्ट बात होनी चाहिए। बच्चे की सुसाइड का ठीकरा माता-पिता की महत्वाकांक्षाओं पर डालकर कोचिंग इंस्टीट्यूट्स में हो रही गलतियों और लापरवाहियों के प्रति पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता है। कोचिंग संस्थानों द्वारा बच्चों पर क्रिएट किए जा रहे प्रेशर, अपनायी जा रही प्रेक्टिसेस की मॉनीटरिंग और कंट्रोल जरूरी है। सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए कुछ दिशा-निर्देश तो तय किए, लेकिन उनकी पालना को लेकर कोई खास ध्यान नहीं दिया जा रहा है। coaching students suicide case kota
कोचिंग संस्थान नहीं बताते कि सक्सेस रेट
- सरकार से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोचिंग संस्थानों को स्पष्ट दिशा निर्देश हैं कि वे अपना सक्सेस रेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें, लेकिन ज्यादातर कोचिंग संस्थान ने उनकी वेबसाइट पर यह तो बताया हुआ है कि फला वर्ष में उनके यहां के इतने बच्चों का चयन हुआ, ऑल इंडिया रैंक भी बता दी जाएगी, लेकिन यह नहीं बताया जाएगा कि कितने स्टूडेंट्स ने एडमीशन लिया था और उनमें से कितने स्टूडेंट्स का चयन हुआ। ऐसे में अभिभावकों और स्टूडेंट्स को सक्सेस रेट पता नहीं चलती।
- इसी प्रकार कोचिंग संस्थानों को यह स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि ये अपने प्रचार-प्रसार में कोई विज्ञापन जारी करें, तो उसमें यह डिस्क्लेमर लिखें कि कोचिंग संस्थान सलेक्शन की गारंटी नहीं देता है। लेकिन ज्यादातर कोचिंग संस्थानों के समाचार पत्रों में जारी विज्ञापनों में यह डिस्क्लेमर नहीं दिखता है।
एलन कोचिंग संस्थान से नहीं आया कोई जवाब
सुसाइड करने वाले स्टूडेंट्स में 65 प्रतिशत स्टूडेंट्स एलन में पढ रहे थे, इस मुद्दे पर एआर लाइव न्यूज ने एलन के पीआर एंड मीडिया कम्यूनिकेशन मैनेजर प्रमोद मेवाड़ा से बात की तो उन्होंने कहा कि आप सवाल ई-मेल के जरिए भेज दीजिए। हमने ईमेल के जरिए 17 जनवरी को इस मुद्दे से संबंधित प्रश्न भेजे, लेकिन खबर लिखे जाने तक एलन की ओर से कोई जवाब नहीं आया।
शिक्षा मंत्री दिलावर बोले छतों में लगे पखों के हुक में स्प्रिंग लगवायी हैं
एआर लाइव न्यूज संपादक लकी जैन ने इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बात की तो उनका रवैया कोचिंग संस्थानों के प्रति कुछ खास सख्त नजर नहीं आया। मदन दिलावर बोले कोचिंग के लिए आ रहे बच्चों का सुसाइड करना काफी दुखदायी है। सरकार अपने स्तर पर काफी प्रयास कर रही है कि इस तरह के मामलों को रोका जा सके और बच्चों में आत्महत्या की प्रवृति डवलप न हो।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा सुसाइड करने वाले बच्चों में 65%बच्चे अगर एक ही संस्थान के हैं, तो हमें इस संख्या को वहां पढ़ने वाले कुल बच्चों के अनुपात से देखना जरूरी है। बच्चे पर प्रेशर क्रिएट होने के पीछे माता-पिता, कोचिंग संस्थान, वातावरण और उनके मित्र जैसे कई प्रकार के कारण हो सकते हैं। हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं, हमने विभिन्न हॉस्टल की छतों पर लगे पंखों के हुक भी स्प्रिंग वाले लगाने के निर्देश दिए, ताकि बच्चा फांसी लगाए तो स्प्रिंग के कारण वह बच जाए।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


