हिन्दुस्तान जिंक ने विश्व की 248 मेटल और माइनिंग कंपनियों में सर्वाधिक 86 अंक प्राप्त किए
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। हिंदुस्तान जिंक ने एसएण्डपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट के 2024 संस्करण में लगातार दूसरे साल वैश्विक स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया। कंपनी ने 86 अंक प्राप्त करके 248 अन्य कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया, जो रेस्पोंसिबल और सस्टेनेबल मैन्यूफेक्चिरिंग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गत वर्ष हिन्दुस्तान जिंक ने 85 अंकों के साथ 2023 के मूल्यांकन के अनुसार मेटल और माइनिंग उद्योग में वैश्विक स्तर पर पहला स्थान हासिल किया था। Hindustan Zinc got 1st rank in S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2024
एसएण्डपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट एन्वायरमेंटल, सोशल एण्ड गवर्नेन्स प्रदर्शन का आंकलन करने के लिए दुनिया के सबसे प्रमुख मानदंडों में से एक है। यह ईएसजी मानदंडों के आधार पर कंपनियों का मूल्यांकन करता है। ये रैंकिंग कंपनियों के लिए उनके ईएसजी प्रदर्शन का आकलन करने एवं इसे मजबूत करने के क्षेत्रों की पहचान करने और ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी स्टैंड्डर्स के साथ संरेखित करने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में कार्य करती है। हिन्दुस्तान जिंक ने इस वर्ष क्लाईमेट स्ट्रेटेजी, कम्यूनिटी रिलेशंस, वेस्ट एण्ड पोल्यूटेंट्स जैसे प्रमुख मापदंडों में उच्चतम अंक हासिल किए। कंपनी को जल सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन में अपने अनुकरणीय प्रयासों के लिए कार्बन डिस्क्लोजर प्रोजेक्ट से प्रतिष्ठित लीडरशिप बैंड ए पदनाम भी मिला है।
हिंदुस्तान जिंक 2050 तक या उससे पहले नेट जीरो कार्बन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है
इस उपलब्धि पर हिन्दुस्तान जिंक की चैयरपर्सन और वेदांता लिमिटेड की गैर-कार्यकारी निदेशक प्रिया अग्रवाल हेब्बार ने कहा कि हमें मेटल और माइनिंग क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी के रूप में मान्यता प्राप्त होने पर गर्व है, कम कार्बन वाले जिंक से लेकर सर्कुलर इकोनॉमी संचालन तक हम सभी के लिए सस्टेनेबल भविष्य बनाने पर आधारित हैं। यह मान्यता हमें सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है, यह सुनिश्चित करते हुए कि हमारे संचालन से न केवल व्यवसाय को, बल्कि समुदायों और पर्यावरण को भी लाभ हो।
हिन्दुस्तान जिंक एनर्जी ट्रान्जिशन मेटल कंपनी के रूप में जिंक और चांदी जैसी महत्वपूर्ण धातुओं का उत्पादन करती है जो सस्टेनेबल भविष्य के लिए आवश्यक है। कंपनी भारत में 75 प्रतिशत से अधिक प्राथमिक जिंक बाजार पर प्रभुत्व रखती है, यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक भी है। ग्लोबल एनर्जी ट्रान्जिशन को आगे बढ़ाते हुए वैश्विक कंपनियों को अपनी मूल्य श्रृंखलाओं को डीकार्बोनाइज करने में जिंक और चांदी महत्वपूर्ण हैं। हिंदुस्तान जिंक 2050 तक या उससे पहले नेट जीरो हासिल करने की ओर अग्रसर है।
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