उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। ब्रेन ट्यूमर के मरीज का ऑपरेशन आंखों की भोंह हटाकर किया गया। इसमें ट्यूमर पूरी तरह हटा दिया गया है। यह दक्षिणी राजस्थान में अब तक का पहला मामला माना जा रहा है, जिसमें भोंह से टांके हटने के बाद ऑपरेशन के चीरे का निशान भी दिखाई नहीं देगा। यह ऑपरेशन जीबीएच जनरल हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग में पूरी तरह निशुल्क हुआ है। (gbh general hospital udaipur)
ग्रुप डायरेक्टर आनंद झा ने बताया कि जालोर निवासी छैलसिंह (51) की कुछ समय से याददाश्त चली गई थी। उन्हें मिर्गी के दौरे उठ रहे थे और उनके व्यवहार में भी परिवर्तन आ गया था। परिजन उन्हें अहमदाबाद ले गए, जहां एमआरआई में ब्रेन ट्यूमर का पता चला, लेकिन इसके ऑपरेशन का खतरा और खर्च भी लाखों में बताया गया। वहां परामर्श व जांचों के बाद परिजन लौट आए और जीबीएच जनरल हॉस्पिटल के न्यूरो साइंसेस विभाग में न्यूरो सर्जन डॉ. सुमित दवे से संपर्क किया
एमआरआई रिपोर्ट देखने के बाद डॉ. सुमित दवे ने रोगी व ट्यूमर की स्थिति देखकर ऑपरेशन तय किया। इसमें मरीज के सिर के रास्ते जाने की बजाय ट्यूमर फ्रंटल लोब होने के कारण आंखों की भोंह के रास्ते पहुंचना तय किया। यहां आंखों की भोंह के बीच में चीरा लगाकर मस्तिष्क की सिर्फ डेढ़ इंच हड्डी हटाकर ट्यूमर निकाला गया। करीब चार घंटे चले ऑपरेशन के बाद वापस हड्डी लगाकर भोंह को बंद कर दिया गया।
इस प्रकार के ऑपरेशन को मेडिकल साइंसेस में सुपरा ऑर्बिटल की होल अप्रोच कहा जाता है
डॉ. सुमित दवे ने दावा किया है कि इस तरह का ऑपरेशन दक्षिणी राजस्थान में पहली बार हुआ है। इसे मेडिकल साइंसेस में सुपरा ऑर्बिटल की होल अप्रोच कहा जाता है। हालांकि ऑपरेशन में खतरा था, लेकिन सभी खतरे को टालते हुए मरीज की भोंह का वापस बंद कर दिया गया। स्कारलेस माइक्रो सर्जरी होने से मरीज के टांके हटाने के बाद ऑपरेशन के टांके के निशान भी दिखाई नहीं देंगे। ऑपरेशन के करीब एक घंटे बाद मरीज को बैठा दिया गया और शनिवार को मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गया। डॉ. सुमित दवे ने बताया कि मरीज की खोई हुई याददाश्त भी वापस लौट आई है और मिर्गी की समस्या भी अब नहीं रहेगी। gbh general hospital doctors removed Brain tumor through eyebrows First case in South Rajasthan
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