दो महीने में चार शिकार : जुलाई, 16 अगस्त, 8 सितंबर और अब 18 सितंबर, ग्रामीण लगातार हो रहे पैंथर का शिकार
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल गांव में बकरियां चराने गयी एक किशोरी को पैंथर ने मारा डाला। पैंथर ने न सिर्फ किशोरी को मारा, बल्कि शरीर के कुछ हिस्से को खाया भी है। किशोरी के गले पर पैंथर के दातों और शरीर पर जगह-जगह पंजों के निशान हैं। पैंथर के एक और शिकार से वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, क्यों कि अभी तक वन विभाग की टीमें झाड़ोल ब्लॉक में हमले कर लोगों को मारने वाले आदमखोर पैंथर को ही नहीं तलाश पायी हैं और अब पैंथर का ये नया क्षेत्र सामने आ गया। (16 year old girl killed by panther in udaipur, panther attack in udaipur)
पैंथर अटैक में किशोरी की मौत की सूचना पर पुलिस, वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचे। तब तक बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठे हो गए थे। ग्रामीणों ने पैंथर अटैक पर आक्रोश जताया और आदमखोर पैंथर को पकड़ने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा आए दिन पैंथर अटैक में लोग मारे जा रहे हैं। अब तो मवेशी चराने अकेले जाने में भी डर लगने लगा है, न जाने कब कहीं से पैंथर हमला कर दे। ग्रामीण वन क्षेत्र से करीब 4 किलोमीटर तक पैदल चलकर शव को मुख्य मार्ग तक लेकर आए, इसके बाद उसे मोरचरी पहुंचाया गया और पोस्टमार्टम करवाया गया। हालां कि वन विभाग अधिकृत तौर पर इस हमले को पैंथर अटैक कहने से बच रहा है।
पैंथर ने बकरियों पर नहीं, बल्कि किशोरी पर किया हमला
गोगुंदा थानाधिकारी शैतान सिंह ने बताया कि पैंथर हमले में उंडीथल निवासी कमला (16) पुत्री अंबालाल गमेती की मौत हुई है। कमला नौवीं की छात्रा थी। वह बुधवार दोपहर बकरियां चराने गयी थी, देर शाम तक मवेशी तो घर लौट आए, लेकिन कमला घर नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। आज गुरूवार सुबह मवेशी चराने वाले क्षेत्र में एक जगह पर ग्रामीणों ने खून देखा, खून की बूदों का पीछा किया तो करीब दो सौ फीट की दूरी पर झाड़ियों में कमला का क्षत-विक्षत शव पड़ा था। पैंथर ने उसका एक हाथ और शरीर का कुछ हिस्सा खा लिया था, वहीं उसके गर्दन और शरीर पर दातों और पंजों के निशान थे। परिजनों ने बताया कि पैंथर ने कमला पर हमला कर उसे मार डाला और फिर उसे घसीटकर झाड़ियों तक ले गया।

क्या 40-50 किलोमीटर का मूवमेंट कर एक ही पैंथर कर रहा शिकार..?
शिकार की इस वारदात के बाद वन विभाग के सामने यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या एक ही पैंथर यह हमले कर रहा है। 16 अगस्त को फलासिया थाना क्षेत्र के बिछीवाड़ा क्षेत्र में पैंथर ने स्कूल जा रहे बच्चे पर हमला कर मार दिया। इसी क्षेत्र में जुलाई में भी पैंथर ने एक युवक का शिकार कर उसे मार दिया था। वन क्षेत्र में कुछ किलोमीटर की रेडियस में 8 सितंबर को झाड़ोल ब्लॉक के कीरट वनखंड में लकड़ी काटने गयी 45 वर्षीय रामली बाई पर हमला कर पैंथर ने उसे मार दिया था।
ये तीनों शिकार वन क्षेत्र में 15-20 किलोमीटर की रेडियस में हुए, तो संभावना जताई गयी कि एक ही पैंथर यह शिकार कर रहा है। लेकिन आज गुरूवार को गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल में पैंथर ने जो शिकार किया है, यह झाड़ोल ब्लॉक से करीब 40-50 किलोमीटर दूर क्षेत्र हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सभी शिकार एक ही पैंथर ने किए हैं और पैंथर आदमखोर हो चुका है.? या उंडीथल में किशोरी का शिकार किसी अन्य पैंथर ने किया है। पहले हुए तीन शिकार और आज की घटना के क्षेत्र उत्तर और दक्षिण वन मंडल में बंटे हुए हैं। हालां कि अगर पैंथर ने सड़क मार्ग पार कर लिया होगा, तो पैंथर एक ही होने की संभावना हो सकती है।
वर्षा ऋतु में इतना मूवमेंट पैंथर नहीं करता है
वरिष्ठ वन्यजीव विशेषज्ञ और वन विभाग से सेवानिवृत अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि आम तौर पर पैंथर इतना मूवमेंट नहीं करता है, वह भी वर्षा ऋतु के दौरान। इन दिनों पैंथर को घने जंगल, पानी सबकुछ आस-पास मिल जाता है, ऐसे में पैंथर का इतना लंबा मूवमेंट करने की संभावना न के बराबर है। इसके अलावा एक बात यह भी महत्वपूर्ण है कि हर पैंथर की टेरेटरी होती है। एक पैंथर दूसरे की टेरेटरी में इतनी आसानी से मूवमेंट नहीं कर सकता है।
आदमखोर पैंथर ज्यादा शातिर हो जाता है, पकड़ना बडी चुनौती
जानकारों के अनुसार आदमखोर पैंथर जैसे-जैसे हमले कर लोगों को मारता जाता है, वह हर शिकार के बाद ज्यादा शातिर होता चला जाता है। ऐसे में वन विभाग के लिए भी इस पैंथर को पकड़ना एक चुनौती बन गया है। वन विभाग की टीमें पिछले दस दिनों से आदमखोर पैंथर को पकड़ने के हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन यह वन विभाग की पकड़ से दूर है। बिछीवाड़ा क्षेत्र में जब वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाया था तो पैंथर पिंजरे के उपर छलांग लगाकर निकल गया था।
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