अलर्ट के बावजूद झीलों से पर्याप्त मात्रा में पानी निकासी को कर रहे नजर अंदाज
देवेंद्र शर्मा, उदयपुर(एआर लाइव न्यूज)। मौसम विभाग के अलर्ट के बावजूद जलसंसाधन विभाग झीलों से पर्याप्त मात्रा में पानी निकासी करने को गंभीरता से लेने की बजाय निकासी को कम करने में लगा हुआ है। विभागीय अधिकारियों की रणनीति कहीं उदयपुर के लिए भारी नहीं पड़ जाए। जिला प्रशासन को इस पर चिंता करनी चाहिए। (udaipur water resources department negligence could be created trouble for Udaipur)
मौसम विभाग ने 10 से 13 सितंबर तक उदयपुर संभाग में भी कहीं-कहीं भारी और अति भारी बारिश होने का अलर्ट जारी कर रखा है। उस स्थिति को देखते हुए वर्तमान में उदयसागर से पानी निकासी पर खास ध्यान देने की जरूरत है। उसके बावजूद जलसंसाधन विभाग ने उदयसागर के गेट कम कर निकासी बहुत कम कर दी है। उदयसागर के दोनों गेट सोमवार को छह-छह फीट खोल रखे थे, उनको आज मंगलवार को बहुत कम कर सिर्फ एक-एक फीट कर दिया है।
गत 5 सितंबर को भराव क्षमता से एक फीट अधिक भर गया था उदयसागर
जलसंसाधन विभाग इस बात को नजर अंदाज कर रहा है कि हाल ही में दो घंटे की तेज बारिश में आयड़ नदी में बहाव तेज होने पर उदयसागर भराव क्षमता से एक फीट अधिक भर गया था। तब दोनों गेट सात-सात फीट खोल दिए उसके बावजूद कई घंटों बाद उदयसागर में पानी कम हो पाया। तब विभाग की सांसे अटकी रही। संयोग तो यह रहा कि बाद में बारिश का दौर धीमा पड़ गया और स्थिति नियंत्रण में आ पायी।
बैक वाटर से प्रभावित गांवों को कहीं खामियाजा न भुगतना पड़ जाए
उदयसागर को लेकर चिंता इसलिए भी जरूरी है कि उदयसागर से पानी निकासी का रास्ता बहुत कम चौड़ा है और मदार के दोनों तालाब, स्वरूपसागर, फतहसागर लबालब है। इन सभी से एक साथ आयड़ नदी में आवक हुई तो उदयसागर का क्या होगा?। जलसंसाधन विभाग की इस अनदेखी का कहीं इसके बैक वाटर से प्रभावित गांवों टीलाखेड़ा, पनवाड़ी, मटून, खरबड़िया, भोईयों की पचोली, लकड़वास, कानपूर, खेगरों की भागल और नदीवाला खेड़ा को खामियाजा न भुगतना पड़ जाए।

बड़ी तालाब की चादर तेज हुई तो नेहरू गार्डन की बर्बादी तय
फतहसागर में मदार नहर और बड़ी तालाब से अच्छी आवक बनी हुई है। इसके चलते फतहसागर का जलस्तर 13 फीट 3 इंच से ऊपर बना हुआ है। झील में क्षमता से अधिक पानी की उपलब्धता होने के बावजूद जलसंसाधन विभाग महज तीन-तीन इंच गेट खोलकर फतहसागर से पानी की निकासी कर रहा है। सीसारमा नदी से हो रही आवक को देखते हुए स्वरूपसागर से निकासी को भी कम करने की बजाय बढ़ाना चाहिए ताकी बाद में उदयसागर पर संकट नहीं आए।
जलसंसाधन विभाग को इस बात को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए कि मौसम विभाग के अलर्ट अनुसार कैचमेंट में तेज बारिश का दौर चला तो मदार नहर से आ रहे पानी को तो चिकलवास पिकअप वियर से बंद कर देंगे, लेकिन मोरवानिया नदी उफान पर आ गई और बड़ी तालाब की चादर तेज हुई तो फतहसागर में आने वाले इस पानी को कैसे कंट्रोल करेंगे?। ऐसी स्थिति में फतहसागर का जलस्तर और बढ़ने पर नेहरू गार्डन में पानी घुसना तय है और उदयपुर विकास प्राधिकरण ने हाल ही में नेहरू गार्डन विकास के नाम जो लाखों रूपए खर्च किया, उसकी बर्बादी की कहानी लिख जाएगी। ऐसी स्थिति में यूडीए को भी चिंता करने की जरूरत है, लेकिन यूडीए भी इस बात को नजरअंदाज कर रहा है।
अनुभव वाले रिटायर्ड हो गए, जिनके पास जिम्मा उनकी नई पोस्टिंग
वर्तमान में जो स्थिति सामने नजर आ रही है, उसके पिछे एक तर्क यह भी दिया जा सकता है कि उदयपुर में झीलों को लेकर जलसंसाधन विभाग के जिन अधिकारियों-कर्मचारियों के पास लंबा अनुभव था, उनमें से अधिकांश रिटायर्ड हो चुके है। वर्तमान में जिनके पास वाटर मैनेजमेंट और झीलों की मॉनिटरिंग का जिम्मा है, उनकी जलसंसाधन विभाग उदयपुर में नई-नई पोस्टिंग है और पूर्व में आ चुके संकट की शायद पूर्णजानकारी नहीं है।
बीती रात उदयपुर सहित प्रदेश में कई जगह हुई बारिश
उदयपुर संभाग सहित राजस्थान के कई भागों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। जलसंसाधन विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में डूंगरपुर जिले के फिलोज में 100, सलूंबर 22, जयसमंद 21, डाया 65, बांसवाड़ा में बागीदौरा 56, सज्जनगढ़ 56, प्रतापगढ़ में पीपलखूंट 55 मिलीमीटर बारिश हुई। चौथ का बरवाड़ा सवाई माधोपुर में 94 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। उदयपुर सहित मेवाड़ में कई जगह आज मंगलवार सुबह मध्यम से तेज बारिश का दौर चला।
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