पढ़िए बजट की मुख्य घोषणाएं…
एआर लाइव न्यूज। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 जुलाई मंगलवार को केन्द्रीय बजट 2024 पेश किया। बड़ी घोषणाओं में सैलरीड क्लास को इनकम टैक्स में थोड़ी राहत दी है। अब न्यू टैक्स रिजीम चुनने वालों को 7.75 लाख तक की इनकम पर टैक्स नहीं देना होगा। वहीं बजट में एनडीए के सहयोगी दलों के राज्य बिहार और आंध्रप्रदेश को प्रमुखता दी गयी है। (union budget 2024)
बजट घोषणा में कस्टम ड्यूटी घटाने से कैंसर रोगियों दवा खरीद में कुछ फायदा होगा। वहीं सोना-चांदी, प्लैटिनम, मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्स-रे मशीन, सोलर प्लेट्स, लेदर और सी-फूड्स भी कस्टम ड्यूटी घटाए जाने से सस्ते होंगे। सोना और चांदी के गहनों पर कस्टम्स ड्यूटी घटकर 6% हुई। वित्त मंत्री में बजट घोषणा में केन्द्र सरकार की 9 प्राथमिकताओं को रखा है, जिसमें 1.कृषि में उत्पादकता और अनुकूलनीयता, 2. रोजगार और कौशल प्रशिक्षण, 3. समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, 4. विनिर्माण और सेवाएं, 5. शहरी विकास, 6. ऊर्जा सुरक्षा, 7. अवसंरचना, 8. नवाचार, अनुसंधान और विकास और 9. अगली पीढ़ी के सुधार को शामिल किया है।

बिहार और आंध्रप्रदेश के लिए यह खास
आंध्र प्रदेश को 15 हजार करोड़ और बिहार को 57.5 हजार करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए विशेष स्कीम। बिहार में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर बनेगा। नालंदा विश्वविद्यालय को पर्यटन केंद्र बनाएंगे।
प्राथमिकता-1 : कृषि में उत्पादकता और अनुकूलनीयता
- कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
- राष्ट्रीय सहकारी नीति लायी जाएगी।
- अगले दो वर्षों में पूरे देश में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के लिए सहायता दी जाएगी, जिसमें प्रमाण-पत्र और ब्रांडिंग व्यवस्था भी शामिल होगी। 10000 आवश्यकता आधारित जैव-आदान संसाधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- खेतीबाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की नई 109 उच्च पैदावार वाली किस्में जारी की जाएंगी।
- कृषि में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का उपयोग करते हुए 400 जिलों में खरीफ का डिजिटल फसल सर्वेक्षण होगा।
- 6 करोड़ किसानों और उनकी जमीन के ब्यौरे को किसान और जमीन की रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा।
- 5 राज्यों में जन समर्थ आधारित किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे
प्राथमिकता-2 : रोजगार और कौशल प्रशिक्षण
- ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन का प्रत्यक्ष लाभ तीन किस्तों में किया जाएगा, जो अधिकतम 15000 होगा।
- उच्चतर शिक्षा के लिए 10 लाख तक के ऋण हेतु एक वित्तीय सहायता की घोषणा की। इस उद्देश्य के लिए प्रति वर्ष 1 लाख विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से ऋण राशि के 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज छूट के लिए ई-वाउचर दिए जाएंगे।
प्राथमिकता-3 : समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय
- महिलाओं और बालिकाओं को लाभ देने वाली योजनाओं हेतु 3 लाख करोड़ से अधिक के आवंटन की व्यवस्था की गई है।
- जनजातीय-बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में सभी जनजातीय परिवारों का पूर्ण कवरेज करते हुए प्रधान मंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान की शुरूआत करेंगे। इसमें 6300 गांव शामिल होंगे, जिससे 5 करोड़ जनजातीय लोगों को लाभ मिलेगा।
- ग्रामीण अवसंरचना सहित ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ का प्रावधान रखा है।
प्राथमिकता-4 : विनिर्माण और सेवाएं
- मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की।
- एमएसएमई क्षेत्र में 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड इरेडिएशन इकाइयां स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- एनएबीएल मान्यता वाली 100 खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित करने की सुविधा प्रदान की जाएगी।
- प्रधान मंत्री पैकेज के अंतर्गत सरकार 500 शीर्ष कंपनियों में 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करेगी
- राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी से 100 शहरों में या उसके आस-पास संपूर्ण अवसंरचना के साथ निवेश के लिए तैयार प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्कों विकसित होंगे।
- राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास कार्यक्रम के अंतर्गत बारह औद्योगिक पार्कों को मंजूरी दी जाएगी।
प्राथमिकता 5 : शहरी विकास
- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2 के अंतर्गत 10 लाख करोड़ के निवेश से 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की आवास जरूरतों का समाधान किया जाएगा। इसमें अगले 5 वर्षों में 2.2 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता शामिल होगी।
- 100 बड़े शहरों के लिए जल आपूर्ति, सीवेज उपचार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं को बढ़ावा देंगे।
प्राथमिकता 6 : ऊर्जा सुरक्षा
- सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 करोड़ घरों को 300 यूनिट तक हर महीने बिजली फ्री।
- सरकार भारत स्मॉल रिएक्टर की स्थापना, भारत स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर के अनुसंधान और विकास और परमाणु ऊर्जा के लिए नई प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी करेगी।
- एनटीपीसी और बीएचईएल का एक संयुक्त उद्यम एयूएससी प्रौद्योगिकी का प्रयोग करके परिपूर्ण 800 मेगावाट का वाणिज्यिक संयंत्र स्थापित करेगा।
प्राथमिकता-7 : अवसंरचना
- पूंजीगत व्यय के लिए 11,11,111 करोड़ का प्रावधान किया है। यह हमारी जीडीपी का 3.4 प्रतिशत होगा।
प्राथमिकता 8 : नवाचार, अनुसंधान और विकास
- अगले 10 वर्षों में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को 5 गुणा बढ़ाने पर निरन्तर जोर देते हुए 1000 करोड़ की उद्यम पूंजी निधि की व्यवस्था की जाएगी।
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