मास्टर माइंड पकड़े गए: राजस्थान सहित अन्य राज्यों में फैला है नेटवर्क
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (DGGI) जयपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 700 करोड़ रूपए के जीएसटी घोटाले का खुलासा किया है। DGGI जयपुर की टीम ने इसके मास्टर माइंड अंकित बंसल और राजेश गोयल को पकड़ लिया है। इन आरोपियों ने विभिन्न फर्मों में बिना किसी संबंधित सामान या सेवाओं की आपूर्ति के सिर्फ कागजों में संबंधित सामान की सप्लाई दिखाकर कुल लगभग 3800 करोड़ से अधिक का टेक्सेबल वेल्यू और 700 करोड़ रुपये से अधिक की नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट (Fake ITC) का लाभ उठाकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है। (dggi jaipur bust fake itc gst scam)
सूत्रों के अनुसार डीजीजीआई जयपुर जोनल यूनिट के अधिकारियों को गोपनीय सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध फर्जी आईटीसी लाभार्थी ने एक बैंक खाते में बड़ी धनराशि हस्तांतरित की थी, जहां से इस राशि को एमपीएमसी (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी) के लाइसेंस से खोली गयी दो अलग-अलग फर्मों के बैंक खातों में भेजा जा रहा है। सूचना थी कि इन खातों से प्रतिदिन भारी मात्रा में कैश निकाला जा रहा था। आरोपी बताए तो दिल्ली के जा रहे हैं, लेकिन इनका राजस्थान सहित अन्य राज्यों की कई बड़ी फर्मों से संबंध हैं।
किसान और आढ़तियों को पेमेंट के नाम पर खातों से हर दिन निकल रहा था करोड़ों का कैश
टीम ने इन दोनों फर्मों की पड़ताल की तो इनके विभिन्न बैंकों में 19 खाते मिले, जिनमें से पिछले एक साल में लेयरिंग के बाद बड़े पैमाने पर कैश निकाला गया था। इस पर डीजीजीआई की टीम ने ये सभी 19 बैंक खाते अस्थायी रूप से कुर्क कर दिए और इनमें जमा 4.01 करोड़ रुपये की राशि जब्त कर ली। खातों की डिटेल चेक की गयी तो पता चला कि इन दोनों फर्मों के बैंक खातों से लगभग 1800 करोड़ के लेन-देन किये जा चुके थे और 800 करोड़ रूपए तो कैश निकाले गए थे।
डीजीजीआई जयपुर जोनल यूनिट के अधिकारियों ने रैकी कर मामले में फरार चल रहे दोनों मास्टरमाइंड अंकित बंसल और राजेश गोयल को पकड़ा तो घोटाले की सभी परतें खुलती चली गयीं। 353 फर्मों के जरिए आढ़तियों को पेमेंट करने के नाम पर आरोपियों ने विभिन्न बैंक खातों से करीब 800 करोड़ रूपए नगद निकाले और इस 800 करोड़ रूपए में अपना कमीशन रख यह धनराशि संबंधित फैक्ट्री या कंपनी मालिक को नगद लौटा दी।
घोटाले के लिए बनायीं 353 फर्मों में कागज पर हो रही थी सामान की खरीद-फरोख्त
डीजीजीआई की टीम ने जब दोनों आरोपी अंकित बंसल और राजेश गोयल से पूछताछ में कबूला कि ये विभिन्न फैक्ट्रियों-कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए उनके धन को विभिन्न फर्मों में रोटेट कर फर्जी बिल बना देते थे और बड़े स्तर पर कैश का आदान-प्रदान कर रहे थे। इसके लिए आरोपी पूरा एक सिंडीकेट चला रहे थे, जिसमें फर्जी तरीके से फैक्ट्रियों का धन रोटेट कर फर्जी बिल बनाने की एवज में अपना कमीशन रखते थे।
इस घोटाले में लाभार्थी के तौर पर राजस्थान सहित अन्य राज्यों की कंपनियां शामिल हैं। पूरे घोटाले को करने के लिए आरोपी अंकित बंसल और राजेश गोयल ने मिलकर 353 से अधिक फर्म बनायी, बिना किसी संबंधित सामान या सेवाओं की आपूर्ति के कागजों में ही सामान की खरीद-फरोख्त दिखाकर फर्जी बिल बनाकर कुल लगभग 3800 करोड़ से अधिक का टेक्सेबल वेल्यू एवं 700 करोड़ रुपये से अधिक की नकली आईटीसी का लाभ उठाया और इसे विभिन्न लाभार्थियों (फैक्ट्री-कंपनियों) को पारित किया। इस तरह आरोपियों ने सरकार को करीब 700 करोड़ रूपए से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाया।
ऑफिस से जब्त किए 2.42 करोड़ रूपए
टीम ने इनके दिल्ली स्थित एक ऑफिस पर रेड की, जहां लाभार्थियों को उनका धन वापस लौटाने के लिए नकदी एकत्र की जा रही थी। तलाशी के दौरान 2.42 करोड़ से अधिक नकदी बरामद की गई है। इसके अलावा 2.67 करोड़ का आईटीसी सीजीएसटी नियम, 2017 के नियम 86-ए के तहत ब्लॉक कर दिया गया है। विभाग द्वारा मामले में आगे की जांच जारी है।
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