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सुप्रीम कोर्ट का सांसद-विधायकों को बड़ा झटका: नोट के बदले वोट देने पर अब चलेगा मुकदमा

Lucky Jain by Lucky Jain
March 4, 2024
Reading Time: 1 min read
supreme court order on bribery of MLA and MP vote for bribe case


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रिश्वतखोरी संसदीय विशेषाधिकारों द्वारा संरक्षित नहीं है

नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सांसदों और विधायकों को विशेषाधिकार के तहत मुकदमे से मिली छुट को खत्म कर बड़ा फैसला सुनाया है। अब नोट के बदले वोट देने पर सांसदों और विधायकों पर मुकदमा चल सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस एतिहासिक फैसले के बाद अब सदन में वोट के लिए रिश्वत लेने पर सांसदों और विधायकों पर मुकदमा चलेगा। सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की कॉन्स्टीट्यूशन बेंच ने सोमवार को 25 साल पुराना फैसला पलट दिया।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस ए एस बोपन्ना, एम एम सुंदरेश, पी एस नरसिम्हा, जेबी पारदीवाला, संजय कुमार और मनोज मिश्रा की कॉन्स्टीट्यूशन बेंच ने कहा हम 1998 में दिए गए जस्टिस पीवी नरसिम्हा के उस फैसले से सहमत नहीं हैं, जिसमें सांसदों और विधायकों को सदन में भाषण देने या वोट के लिए रिश्वत लेने पर मुकदमे से छूट दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रिश्वतखोरी संसदीय विशेषाधिकारों द्वारा संरक्षित नहीं है, दरअसल अनुच्छेद 105(2) सांसदों को संसद या किसी संसदीय समिति में उनके द्वारा कही गई किसी भी बात या दिए गए वोट के संबंध में मुकदमों से छूट देता है, जबकि अनुच्छेद 194(2) विधायकों को समान सुरक्षा देता है।

JMM की विधायक के मामले में चल रही थी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश झारखंड मुक्ति मोर्चा की विधायक के रिश्वत कांड से संबंधित मामले में सुनवाई कर दिए हें। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सीता सोरेन ने अपने खिलाफ जारी आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने की याचिका दाखिल की। उन पर आरोप था कि उन्होंने 2012 के झारखंड राज्यसभा चुनाव में एक खास प्रत्याशी को वोट देने के लिए रिश्वत ली थी। सीता सोरेन ने अपने बचाव में तर्क दिया था कि उन्हें सदन में कुछ भी कहने या वोट देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 194(2) के तहत छूट हासिल है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई कर 25 साल पहले वर्ष 1998 के फैसला पलट दिया है।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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