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राजस्थान और उदयपुर के चर्चित अवैध आर्म्स लाइसेंस केस में ईडी ने दर्ज की अभियोजन शिकायत

Lucky Jain by Lucky Jain
February 15, 2024
Reading Time: 1 min read
ED files prosecution complaint against rajiv ranjan with 21 other in illegal arms license case related to rajasthan ATS


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  • राजस्थान की एटीएस ने 2017 में किया था इस गिरोह का खुलासा
  • उदयपुर के नेता, कारोबारी भी बने थे इस केस में आरोपी
  • जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन आईएएस राजीव रंजन सहित 21 के खिलाफ शिकायत दर्ज

उदयपुर/जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। राजस्थान के उदयपुर, अजमेर से 2017 में बस्ट हुए देश के चर्चित अवैध आर्म्स लाइसेंस केस (fake gun license case rajasthan) में बड़ा अपडेट आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में जम्मू कश्मीर के तत्कालीन आईएएस राजीव रंजन सहित 21 आरोपियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जम्मू के विशेष न्यायालय (PMLA) में अभियोजन शिकायत दर्ज की है। कोर्ट ने 12 फरवरी को अभियोजन शिकायत का संज्ञान भी ले लिया है। (illegal arms license case rajasthan)

प्रवर्तन निदेशालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ईडी ने राजस्थान पुलिस के आतंकवाद विरोध दस्ते (ATS) और सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। ईडी ने जम्मू-कश्मीर कुपवाड़ा के तत्कालीन डीएम एडीएम आईएएस राजीव रंजन, एसडीएम ऑफिस के न्यायिक क्लर्क इतरत हुसैन रफीकी, अन्य अधिकारियों, गन हाउस डीलर/एजेंट राहुल ग्रोवर, सैयद अदेल हुसैन शाह और सैयह अकील शाह सहित अजमेर, राजस्थान के गन हाउस डीलरों, एजेंटों सहित 21 लोगों को आरोपी बनाया है।

हजारों अवैध लाइसेंस बने और करोड़ों रूपए की हुई मनी लॉन्ड्रिग

ईडी ने जांच में पाया कि जम्मू के कुपवाड़ा के अधिकारियों और गन हाउस डीलरों/एजेंटों/बिचौलियों ने मिलीभगत कर आर्म्स एक्ट के विभिन्न मानदंडों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए आर्थिक लाभ के बदले अयोग्य लोगों को बड़ी संख्या में अवैध आर्म्स लाइसेंस जारी किए थे या आर्म्स लाइसेंस के नवीनीकरण किए थे। इस मामले में बड़ी मात्रा में मनी लॉड्रिंग हुई थी।

2017 में राजस्थान एटीएस ने जब पूरे मामले का खुलासा किया था, तब उदयपुर से भी कुछ चर्चित नेता, व्यापारी सहित अन्य की गिरफ्तारी हुई थी। इन्होंने ने भी इस गिरोह से संपर्क कर अपने नाम पर अवैध आर्म्स लाइसेंस बनवाए थे। तब खुलासा हुआ था कि 2013 से 2016 के बीच गिरोह के जरिए राजस्थान और एमपी के हजारों लोगों ने अवैध आर्म्स लाइसेंस बनवाए थे।

4.69 करोड़ रूपए की संपत्ति कुर्क हो चुकी है

ईडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों की 4.69 करोड़ रूपए तक की चल और अचल संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। तलाशी और जब्ती कार्रवाई के दौरान भी ईडी ने आरोपियों से 1.58 करोड़ रूपए नकदी और सोना जब्त किया था।

अजमेर का गन हाउस संचालक था गिरोह का मुख्य आरोपी

सितंबर 2017 में राजस्थान पुलिस के आतंकवाद विरोधी दस्ते ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए अवैध आर्म्स लाइसेंस गिरोह का भाण्डाफोड़ किया था। तब राजस्थान पुलिस ने दावा किया था कि यह देश का सबसे बड़ा अवैध आर्म्स लाइसेंस गिरोह का खुलासा था। इस गिरोह 2013 से 2016 के बीच एक या दो नहीं, हजारों की संख्या में अवैध आर्म्स लाइसेंस जारी किए थे। तब एटीएस टीम ने गिरोह के मास्टर माइंड अजमेर से पकड़े गए जुबैर सहित जम्मू कश्मीर के राहुल और पंजाब के विशाल के कब्जे से 100 से अधिक अवैध आर्म्स लाइसेंस जब्त किए थे, जो जिनके नाम से जारी हुए थे, उन तक पहुंचाए जाने थे।

आरोपियों का गिरोह जम्मू कश्मीर का पता दिखाकर वहां के डीएम/एडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों से मिलीभगत कर अयोग्य लोगों को अवैध आर्म्स लाइसेंस जारी करते थे और एक लाइसेंस के बदले व्यक्ति से 3 से 5 लाख रूपए तक वसूले जाते थे। जबकि ये लोग जम्मू-कश्मीर के बजाए राजस्थान, एमपी सहित देश के अन्य राज्यों के रहने वाले थे। राजस्थान एटीएस के अलावा सीबीआई ने भी 2021 में इस मामले की जांच की थी और जम्मू कश्मीर के तत्कालीन आईएएस राजीव रंजन को गिरफ्तार भी किया था।

डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज (AR Live News) से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।

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