राजस्थान में साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं ने दबाया था नोटा का बटन, जबकि सर्वाधिक नोटा कुशलगढ़ सीट पर दबाया गया था
लकी जैन, उदयपुर। विधानसभा चुनाव में राजस्थान में होने वाले चुनावी मुकाबले में मतदाता किस प्रत्याशी को ज्यादा तव्वजों देते है इसकी तस्वीर आगामी 3 दिसंबर को साफ हो सकेगी, लेकिन हर किसी की नजरें नोटा पर भी टिकी हुई है। पिछले चुनाव में राजस्थान के 200 विधानसभा क्षेत्रों में हुए मतदान में बांसवाड़ा के कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 11002 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। यहां निर्दलीय प्रत्याशी ने चुनाव में बाजी मार ली। (nota votes record in rajasthan)
पिछले चुनाव में राजस्थान में साढ़े चार लाख से अधिक मतदाताओं ने सभी प्रत्याशियों को नकार कर नोटा का बटन दबाया था। जबकि पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा नोटा का बटन बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने दबाया। नोटा का बटन दबाने के मामले में पिछले चुनाव में राजस्थान में रिकॉर्ड बनाने वाले कुलशगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने 9 प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा का विकल्प चुना था। यहां मतदान करने वाले कुल मतदाताओं में से 5.56 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था।
वोटों की गिनती में तीसरे नंबर पर प्रत्याशी नहीं, नोटा था
जनजाति बाहुल्य क्षेत्र कुशलगढ़ में एक और खास बात यह रही कि यहां मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी को नकारते हुए निर्दलीय प्रत्याशी रमीला खड़िया को विधायक चुनकर विधानसभा भेजा था। तब रमिला को 47.67 फिसदी वोट मिले थे। चुनावी मुकाबले में तीसरे नंबर पर नोटा रहा था। झाड़ोल में 7457 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था।
घाटोल में हार जीत के अंतर से ज्यादा नोटा का बटन दबाया
घाटोल विधानसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच हार जीत का अंतर 4449 वोट रहा था, जबकि यहां 4857 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। इस सीट पर कुल 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। उदयपुर शहर में 2052 और उदयपुर ग्रामीण में 4108 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था।
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