विदा हो गया मानसून
देवेंद्र शर्मा,(एआर लाइव न्यूज,उदयपुर)। मेवाड़ से मानसून मंगलवार को विदा हो गया। इस मानसून ने वैसे तो उदयपुर
संभाग में कई जलाशयों को लबालब कर छलका दिया, मगर ऐतिहासिक राजसमंद और जयसमंद झील के छलकने की उम्मीद अधूरी रह गई।
इस साल 25 जून को मानसून ने मेवाड़-हाड़ोती के रास्ते राजस्थान में प्रवेश किया था। शुरूआती दौर में मानसून ने कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश की। विदा होने से पहले रूक-रूक कर मेवाड़ सहित राजस्थान के कई जिलों में मानसून के बरसने का क्रम बना रहा। इस अवधि में उदयपुर सहित कई जिलों में अधिकांश जलाशय लबालब होकर छलके भी। जाते जाते मानसून ने बांसवाड़ा के माही बांध को भी लबालब कर दिया और इसके सभी 16 गेट भी खुले, लेकिन सबसे ज्यादा निराशा सलूंबर क्षेत्र में स्थित जयसमंद झील को लेकर हुई।

जयसमंद में उम्मीद से बहुत कम हुई आवक
इस मानसून में कैचमेंट में अच्छी बारिश नहीं होने से जयसमंद झील में लोगों की उम्मीद से काफी कम पानी की आवक हुई। राजस्थान में 25 जून को मानसून ने प्रवेश किया था उस दौरान जयसमंद झील का जलस्तर 8.38 मीटर के मुकाबले 3.57 मीटर था। कैचमेंट से आवक नहीं होने से मानसून के विदा होने तक इसका जलस्तर 6.28 मीटर तक ही पहुंच पाया। ऐसे में जयसमंद झील का लबालब होकर छलकता हुआ देखने की उम्मीदें अधूरी रह गई।
राजसमंद झील में आवक अच्छी हुई, लेकिन छलकी नहीं
आम तौर पर राजसमंद झील में पानी की आवक को लेकर काफी इंतजार रहता है, लेकिन इस बार तूफान के असर से कैचमेंट में तेज बारिश का दौर चला। उसके बाद मानसून में भी तेजी से आवक होने से राजसमंद झील का जलस्तर उम्मीद अनुरूप स्तर पर पहुंच गया। हालांकि इस बार भी लोगों में इस झील के ओवरफ्लो होने की उम्मीद थी वह किनारें पर आकर अटक सी गई। मानसून आने से पहले राजसमंद झील का जलस्तर 9.15 मीटर के मुकाबले 3.57 मीटर था जो कि वर्तमान में 8.89 मीटर हो चुका है। बड़ी बात यह है कि मानसून के विदा होने के बावजूद भी राजसमंद झील में धीरे धीरे पानी की आवक बनी हुई है।
राज्य के बांधों की स्थिति
जलसंसाधन विभाग के अनुसार राजस्थान में 22 वृहद बांध है। जिनकी कुल पूर्ण भराव क्षमता 8104.66 एम. क्यूएम है उसके मुकाबले वर्तमान में 7211.58 एम.क्यूएम पानी उपलब्ध है। यानी इन बांधों में क्षमता के मुकाबले 88.98 फिसदी पानी उपलब्ध है। प्रदेश में 4.25 एम.क्यूएम से अधिक भराव क्षमता के मध्यम एवं लघु श्रेणी के 259 बांध है इनकी पूर्ण भराव क्षमता 3736.14
एम.क्यूएम है। उसके मुकाबले वर्तमान में 2099.90 एम.क्यूएम पानी उपलब्ध है। यानी इस क्षेणी के बांधों में कुल क्षमता के मुकाबले 56.20 फिसदी पानी उपलब्ध है। प्रदेश में 4.25 एम.क्यूएम से कम भराव क्षमता वाले 407 बांध है। इनकी पूर्ण क्षमता 823.63 एम.क्यूएम है। उसके मुकाबले वर्तमान में 362.63 एम.क्यूएम पानी उपलब्ध है। यानी इन बांधों में 44.03 फिसदी पानी है।
मानसून के आने से पहले और विदा होने तक बांधों की स्थिति
जलसंसाधन विभाग के अनुसार प्रदेश में तीन श्रेणी के कुल 688 बांधों की पूर्ण भराव क्षमता 12664.43 एम.क्यूएम है। इस 15 जून 2023 को इन बांधों में कुल 5384.38 एम क्यूएम पानी उपलब्ध था। मानसूनी सीजन में पानी की आवक होने से इन बांधों में पानी की उपलब्धता बढ़कर 4 अक्टूबर 2023 तक 9674.10 एम.क्यूएम हो चुकी है।
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