मेडिकल स्टूडेंट की पढ़ाई में मानव शरीर को प्रेक्टिकली समझने में मिलेगा सहयोग
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल (PMCH) में एक बेटे ने उसकी मां के निधन के बाद देहदान किया है, ताकि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मानव शरीर को प्रेक्टिकली समझने में मदद मिल सके।पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. एमएम मंगल ने बताया कि 70 वर्षीय महिला मधु नाहर को अत्यंत गंभीर अवस्था में भीलों के बेदला स्थित पेसिफिक हॉस्पिटल लाया गया था। मेडिसिन विभाग के डॉ. नीलेश पतीरा ने मरीज की जांच की तो परिजनों ने बताया कि सांस में तकलीफ एवं 3-4 दिनो से पेशाब कम आ रहा है। महिला को तुरंत आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटीलेटर पर लिया गया और उपचार शुरू किया गया। इसी दौरान महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला की मृत्यु के बाद उनके बेटे धीरज नाहर ने हॉस्पिटल प्रबंधन के समक्ष मां की मृत देह दान करने की इच्छा जताई और बताया कि यही उनकी मां की अंतिम इच्छा थी। इस पर अस्पताल प्रबंधन ने देहदान की प्रक्रिया पूरी कर देहदान करवाया। देहदान के समय महिला के बेटे सहित पूरा परिवार भी मौजूद रहा। वहीं हॉस्पिटल प्रबन्धन की ओर से एनाटॉमी की विभागाध्यक्ष आश्मा भटनागर, ईशा श्रीवास्तव, केके भटनागर एवं उनकी टीम ने मौजूद रही।
जिस शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ हो, वह देहदान हो सकती है
पीएमसीएच चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने इस नेक कार्य के लिए महिला के परिवार को धन्यवाद दिया और कहा कि उनका यह अनुकरणीय कार्य लोगों के लिए प्रेरणादायी बनेगा। जिस शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ हो, उसका देहदान किया जा सकता है। प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में यह संभव है। महिला की मौत भी प्राकृतिक थी, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं हुआ और देहदान संभव हो सका।


