भारतीय मेडिकल छात्र अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे जैसों में पीजी ट्रेनिंग और प्रेक्टिस कर सकेंगे
नई दिल्ली,(एआर लाइव न्यूज)। नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी को प्रतिष्ठित वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेडिकल एजुकेशन (WFME) की मान्यता मिल गयी है। एनएमसी को यह मान्यता आगामी 10 वर्षों के लिए मिली है। यह न सिर्फ एनएमसी बल्कि देश के सभी मेडिकल छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है (NMC received WFME recognition)। क्यों कि इस मान्यता के बाद मेडिकल ग्रेजुएट्स को दुनिया में कहीं भी कॅरियर बनाने का मौका मिलेगा।
एनएमसी के मीडिया डिवीजन हेड डॉ. योगेन्द्र मलिक के अनुसार एनएमसी को यह प्रतिष्ठित मान्यता चिकित्सा शिक्षा में उच्चतम मानकों के प्रति एनएमसी की अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। डब्ल्यूएफएमई की मान्यता इस बात को साबित करती है कि भारत में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता उच्च मानकों के अनुरूप है। इस मान्यता के मिलने से देश के मेडिकल स्टूडेंट्स को दुनिया में कहीं भी कॅरियर बनाने का मौका मिलेगा।
एनएमसी से प्राप्त जानकारी के अनुसार एमबीबीएस के बाद भारतीय स्टूडेंट अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे तमाम देशों में पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनिंग ले सकेंगे और प्रैक्टिस कर सकेंगे। अन्य देशों में ट्रेनिंग और प्रैक्टिस के लिए डब्ल्यूएफएमई की मान्यता अनिवार्य होती है। एनएमसी को यह मान्यता मिलने से देश के मेडिकल स्टूडेंट्स किसी भी देश में प्रेक्टिस कर कॅरियर बनाने और प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्टूडेंट्स भी के लिए भी भारत पहली पसंद बनेगा।


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