- निजी स्कूल और कोचिंग शिक्षण संस्थानों के बाहर बच्चे हो रहे थे शिकार
- पुलिस ने हर पेरेन्ट्स से की अपील अपनों बच्चों का ध्यान रखें
- नशे का आदी बना बच्चों से खुद के घरों में करवाता था चोरी, आरोपी गिरफ्तार
- इस केस की कई बातें “अजमेर-1992 कांड” जैसी
लकी जैन, उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। गोवर्धनविलास थाना पुलिस ने मंगलवार को एक बड़ा खुलासा कर ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके चंगुल में शहर के सम्पन्न परिवारों के 40 बच्चे फंसे हुए थे। आरोपी ने इन बच्चों को न सिर्फ नशे का आदी बनाया, बल्कि इन्हें लैकमेल कर इनसे इन्हीं के घरों में चोरियां करवाता था (udaipur 40 teenager students blackmailing case)। कुछ बच्चों के साथ आरोपी ने अनैतिक कृत्य तक कर डाला।
इस पूरे मामले में चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि ये बच्चे आरोपी के चंगुल में शहर के विभिन्न निजी स्कूल और कोचिंग संस्थानों के बाहर फंसे, जहां पढ़ने के लिए ये रोज आते-जाते हैं।
एसपी भुवण भूषण यादव ने बताया कि गोवर्धनविलास पुलिस ने बलीचा के देवनारायण नगरी हाल सेक्टर 14 निवासी गजेन्द्र राठौड़ उर्फ गज्जू उर्फ गोलू(24) पुत्र शांतिलाल दर्जी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट, अपहरण, धमकाने और अनैतिक कृत्य के आरोप में गिरफ्तार किया है। 17 वर्षीय और 14 वर्षीय दो बच्चों के परिजनों ने दो अलग-अलग रिपोर्ट थाने में दर्ज करवायी थी, दोनों मामलों में पुलिस ने एक ही नामजद आरोपी देखा, तो मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया, पड़ताल में चौंकाने वाले खुलासे हुए और आरोपी के चंगुल में 40 बच्चों के फंसे होने की जानकारी मिली। यह कार्रवाई थानाधिकारी अजय सिंह राव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की है।

आईफोन दिलवाने और ट्रेडिंग से पैसा कमाने के बहाने बच्चों को फंसाता था
एडि.एसपी अंजना सुखवाल ने बताया कि 24 वर्षीय आरोपी गजेन्द्र उर्फ गज्जू निजी स्कूल का पासआउट स्टूडेंट और एथलीट रह चुका है। लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन है। एथलीट होने के चलते इसका स्कूल और कोचिंग के स्टूडेंट्स से अच्छा संपर्क है। यह अक्सर निजी स्कूल और कोचिंग संस्थानों के बाहर बैठता था। बच्चों के आने पर उनसे दोस्ती करता, उन्हें लग्जरी कार में घुमाता और आईफोन मोबाइल दिलवाने व ट्रेडिंग के जरिए रूपए कमाने का लालच देकर जाल में फंसाता था।
बच्चे जब धीरे-धीरे आरोपी पर भरोसा करने लगते तो उन्हें नशीले पदार्थ ई-सिगरेट, गांजा, बियर, शराब ड्रग्स पिलाकर उनकी फोटो खींच लेता। फोटो माता-पिता को भेज देने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता और उनसे उनके घरों से रूपयों की चोरी करवाता था। रात में बच्चों का नाइटआउट पार्टी करवाता, क्लब व बार लेकर जाता और वहां पर भी फोटो क्लिक कर सबको बता देने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता। आरोपी ने एक 14 वर्षीय बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर उसका भी वीडियो बनाया और बच्चे को ब्लैकमेल कर रहा था।
एक जैसी दो रिपोर्ट आयीं तो थानाधिकारी को मामला गड़बड़ लगा
थानाधिकारी अजय सिंह राव ने बताया कि 6 सितंबर को एक 17 वर्षीय बच्चे के पिता ने थाने आकर रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया था कि पिछले करीब 3 महीने से उनका बेटा एक गजेन्द्र राठौड़ उर्फ गज्जू नाम के व्यक्ति के चंगुल में फंसा है। वह व्यक्ति बच्चे को आईफोन मोबाईल व अन्य लालच देकर उससे गलत कार्य करवाता है। बेटा रात-रात भर घर नहीं आता है।
ऐसी एक रिपोर्ट थाने में 14 वर्षीय बालक के पिता ने दर्ज करवायी थी। जिसमें बताया था कि बच्चा 10 दिनों से घर नहीं लौटा है। वह गजेन्द्र उर्फ गज्जू नाम के व्यक्ति की चंगुल में फंसा है। गजेन्द्र ने बच्चे को नशे का आदी बना दिया है और खुद के घर से चोरी भी करवायी। पुलिस ने बच्चे को दस्तयाब किया तो पता चला कि आरोपी गजेन्द्र ने बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर उसका वीडियो बना लिया था और उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
बच्चे को ब्लैकमेल कर नया बच्चा लाने को बोलता, कोडवर्ड में बात करता
आरोपी इतना शातिर था कि नए बच्चों के संपर्क में आने के लिए वह ब्लैकमेल हो रहे बच्चों को ही बोलता था। उनको ब्लैकमेल करता था कि मेरे चंगुल से छूटना है तो नए बच्चे लाकर दो। मजबूर बच्चा अपने संपर्क के दूसरे बच्चों को आरोपी से मिलवा देता था। धीरे-धीरे वह बच्चे भी आरोपी के चंगुल में फंस जाते थे। नए बच्चों को कोडवर्ड में आरोपी शूटर और घर से चोरी कर रूपए लाने को कोडवर्ड में ओटीपी लाने को कहता था। परेशान और ब्लैकमेल हो रहे बच्चे घर से रूपए चोरी कर गजेन्द्र को लाकर दे देते थे। बच्चों द्वारा लाए गए रूपयों से आरोपी गजेन्द्र लग्जरी लाइफ जीता था। हर दिन नए कपड़े पहनना, होटलों में डांस क्लब, बार जाना, महंगे आईफोन, लैपटॉप, बुलेट बाइक और कार रखने का शौकीन है।
कार्यवाही करने वाली पुलिस टीम : गोवर्धनविलास थानाधिकारी अजय सिंह राव, हेडकांस्टेबल गणेश सिंह, भगवती लाल, कांस्टेबल दिनेश सिंह, भगवती लाल, हरी सिंह, जितेन्द्र सिंह और साइबर सेल कांस्टेबल लोकेश रायकवाल की मुख्य भूमिका रही है।
पुलिस का परिजनों को संदेश
पुलिस विभाग की ओर से एसपी भुवण भूषण यादव ने सभी परिजनों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के दैनिक व्यवहार में आने वाले परिवर्तन पर नजर रखें। यह पता रखें कि बच्चों की दोस्ती किन बच्चों के साथ है, वे स्कूल, कोचिंग नियमित जाते हैं या नहीं, वे कहां आते-जाते हैं, किन लोगों के साथ मेलजोल हैं। बच्चे को स्वयं समय दें और बुरे लोगों से चौकन्ना रहने के बारे में समझाएं। बच्चा कोई शिकायत लेकर आपके पास आता है तो उसकी शिकायत को नजर अन्दाज न करें और समस्या का सही तरीके से निवारण करे। बच्चा किसी गलत संगत में है तो पुलिस को इसकी सूचना दें।
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