- डब्ल्यूएचओ फ्रांस की एसीसीआई कांफ्रेंस में जुटे देश दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ
- जीबीएच कैंसर हॉस्पिटल की मेजबानी में हुई कॉन्फ्रेंस
- विदेशों में 70 प्रतिशत तो भारत में मात्र 30 प्रति जनसंख्या कैंसर के प्रति जागरूक है
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। एक्सिस कैंसर केयर इंडिया (ACCI) की सोमवार से दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस शुरू हुई है। जीबीएच कैंसर हॉस्पिटल (gbh cancer hospital udaipur) की मेजबानी में हुई इस कॉन्फ्रेंस में WHO फ्रांस के अंतर्राष्ट्रीय कैंसर रिसर्च एजेंसी के प्रमुख डॉ. पार्थ बासू ने बताया कि डब्ल्यूएचओ सरकार और संस्थान के साथ मिलकर अगले दो साल भारत में गांव-गांव तक कैंसर के प्रति जागरूकता अभियान चलाएगा। इसका पायलट प्रोजेक्ट केरल, तमिलनाडू और राजस्थान शुरू किया गया है।
डॉ. पार्थ बासू ने कहा कि ओरल कैंसर, गर्भाशय के मुंह के कैंसर प्रमुख हैं। कैंसर का इलाज संभव है, लेकिन कैंसर का समय पर पता नहीं लगने से उपचार में देरी होना मरीज की मौत होना प्रमुख कारण है। इस कांफ्रेंस के माध्यम से इन्हीं कारणों पर चर्चा कर सरकार के साथ मिलकर कैंसर उन्मूलन पर कार्य किया जाएगा।

महिलाओं में सर्वाधिक गभाशय कैंसर से मौत हो रही है
इंडो अमेरिकन कैंसर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं विश्व प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति जैन ने बताया कि विदेशों में 75 प्रतिशत जनसंख्या कैंसर के प्रति जागरूक है, जबकि इसके विपरीत भारत में सिर्फ 30 प्रतिशत जनसंख्या ही जागरूक है। इस अंतर के कारण ही सर्वाधिक गर्भाशय के कैंसर से मौत हो रही है। अविवाहित युवतियों के लिए एचपीवी वैक्सीन और विवाहित महिलाओं के लिए सर्विक्स कैंसर की जांच की सुविधा उपलब्ध है। हर महिला तक इसके प्रति जागरूकता से लगभग सौ प्रतिशत तक सर्विक्स कैंसर से बचाव संभव है।
विदेशों में सरकार ने तंबाकू व उसके उत्पादक कंपनियों पर कर लगाकर उसका उपयोग जागरूकता के लिए किया है। उससे काफी हद तक व्यसन से होने वाले कैंसर पर अंकुश संभव हुआ है। ऐसा ही प्रयास देश में होने से तंबाकू व उसके उत्पाद से होने वाले कैंसर पर लगाम के प्रयास संभव होंगे।
विशेषज्ञों ने पहाड़ी क्षेत्रों में मेडिकल सुविधा पहुंचाने में आ रही दिक्कतें भी साझा कीं
कांफ्रेंस में तमिलनाडू से डॉ. स्वामीनाथन ने वहां की भौगोलिक स्थिति और कैंसर के क्षेत्र में अब तक हुए कार्य की जानकारी दी। केरल से डॉ. रामदास, डॉ. रीटा इशाक, डॉ. देवूप्रकाश और डॉ. कुणाल ओसवाल ने अब तक के कार्यों व पहाड़ी प्रदेश होने से दूरदराज तक मेडिकल सुविधा पहुंचाने की दिक्कत सांझा की।
राजस्थान के बारे में जीबीएच कैंसर हॉस्पीटल के एचओडी डॉ. रोहित रेबेलों ने खेरवाड़ा, गोगुंदा और कोटड़ा क्षेत्र में किए गए कार्य बताए। इनके द्वारा बताए गए आंकड़ों, समस्याओं पर चर्चा के बाद आगामी दो साल की रूपरेखा तय की गई। लंदन से डॉ. रिचार्ड सुलेवन, डॉ. आर्नी पुरूषोत्तम, डॉ. मोनी कुरियाकोस, इषु कटारिया, अरूणाह चंद्रन ने अपने सुझाव दिए। कार्यषाला के समापन मंगलवार को होगा।
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज(AR Live News)से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


