उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। सावन के अंतिम सोमवार को फतहसागर किनारे स्थित महाकालेश्वर मंदिर से भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकले।
भगवान श्री महाकालेश्वर के विग्रह स्वरूप को रजत पालकी में विराजमान कर अभिजित मुर्हूत में मंदिर परिक्रमा करवाई गई। उसके पश्चात मंदिर के पूर्वी द्वार से सिंह गुफा से शाही लवाजमें के साथ परम्परागत वाद्य यंत्रों के साथ शाही सवारी नगर भ्रमण के लिए रवाना हुई। जगह जगह भक्तों ने पुष्प वर्षा से शोभायात्रा का स्वागत किया।

आकर्षण का केंद्र बनी झांकियां
महाकाल की शोभायात्रा में शामिल विभिन्न झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। शाही सवारी में सबसे आगे प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश की झांकी शामिल है। इसके बाद शिव परिवार, भगवान राम, हनुमान जी, विश्वकर्मा जी, महर्षि दधीची, मां जगदम्बा व विशाल नन्दी पर विराजित महाकाल की झांकी के साथ ही अखण्ड संत ओगड़ी मार्ग की धुणी की प्रतिकात्मक झांकी और गौ माता की झांकिया शामिल है।

रात आठ बजे पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी शोभायात्रा
महाकाल की शोभायात्रा मेें पूरे मार्ग में सभी उम्र वर्ग के भक्तजनों मेें धार्मिक उत्साह नजर आ रहा है। सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर के अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया ने बताया कि शहर के विभिन्न मार्गाें से होते हुए शोभायात्रा रात आठ बजे पुनः महाकाल मंदिर पहुंचेगी। उसके पश्चात महाकाल की भव्य आरती होगी।

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