नई दिल्ली,(एआर लाइव न्युज)। सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरूवार को 15 वर्षीय बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी दीपक मीना और उसके दो साथियों को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत के आदेश को रद्द कर दिया है। दीपक मीना राजस्थान में कांग्रेस विधायक जौहरीलाल मीना का बेटा है।।
15 वर्षीय बालिका ने दौसा के मंडावरा में उसके साथ तीन लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म करने, वीडियो बनाकर वीडियो बनाकर धमकाने का मामला दर्ज करवाया था। पुलिस पड़ताल में मुख्य आरोपी दीपक मीना और उसके दो साथी निकले थे। इस पर पुलिस ने दीपक मीना सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। राजस्थान हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई कर आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे।
इसके बाद पीड़ित पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में आरोपियों की जमानत कैंसिल करने की याचिका लगाई गयी। जिस पर सुनवाई कर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया और तीनों आरोपियों की जमानत रद्द कर दी।
बलात्कार का अपराध नारीत्व की गरिमा पर हमला
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस रवींद्रवीं भट्ट और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की पीठ ने हाईकोर्ट का आदेश रद्द करते हुए कहा कि बलात्कार का अपराध नारीत्व की गरिमा और “यत्र नार्यस्तु पूजयंते रमन्ते तत्र देवता” के सदियों पुराने सिद्धांत पर हमला है। आरोपियों द्वारा अभियोजन पक्ष के गवाहों को धमकाने की संभावना है।
शीर्ष अदालत ने कहा कि निचली अदालतों द्वारा पारित किए गए आदेशों के कारण हुए नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक रूप से कदम उठाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के जमानत देने के आदेश में उन कारणों को स्पष्ट नहीं किया गया है, जिसके कारण आरोपियों को जमानत दी गयी।
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