जनप्रतिनिधियों को कुछ विशेषाधिकार मिलते हैं, जिनका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए – उपराष्ट्रपति
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर में शुरू हुआ दो दिवसीय 9वां सीपीए भारत क्षेत्र सम्मेलन आज मंगलवार को सम्पन्न हो गया। मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सभी सदस्यों को संबोधित करते हुए बताया कि सीपीए को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए उसके पुनर्गठन सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
उपराष्ट्रपति धनखड़ ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और विधानसभा अध्यक्ष दोनों का ही कार्यकाल सराहनीय रहा है। सीपीए अध्यक्ष से निरंतर संवाद बना रहता है और हम विचारों को साझा करते हैं। उन्होंने कहा लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को आमजन का रोल मॉडल बनना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि वे इस बात से चिंतित हैं सदनों में चर्चा का स्तर गिरा है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायकों को कुछ विशेषाधिकार मिलते हैं, जिनका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती तथा जनप्रतिनिधियों की दक्षता वृद्धि करते हुए उन्हें जवाबदेह बनाने की दिशा में सीपीए के प्रयासों की सराहना की।
जनप्रतिनिधियों को शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि लोकतंत्र के सशक्तिकरण में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सदन में जनप्रतिनिधियों को शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। सदन की गरिमा बनी रहनी चाहिए क्योंकि गरिमा का अवमूल्यन हो रहा है।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन सफल रहा और सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श से विधानमंडलों के समक्ष प्रस्तुत वर्तमान और भावी चुनौतियों के समाधान में बहुत मदद मिलेगी।
बिरला ने पीठासीन अधिकारियों से आग्रह किया कि “एक राष्ट्र एक विधायी मंच” को लागू किया जाए और विधायकों का क्षमता निर्माण भी किया जाएए जिससे न केवल विधानमंडलों की प्रभावशीलता और प्रभावकारिता में सुधार होगाए बल्कि विधानमंडलों और जनता के बीच की दूरी भी कम होगी। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।


