एसीबी कोर्ट ने एक और मामले में पूर्व सरपंच भैरूलाल और पूर्व उपसरपंच मदनलाल डांगी को तीन वर्ष कारावास की सजा सुनाई
उदयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। उदयपुर के भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संख्या-2 के विशिष्ठ न्यायाधीश ने शुक्रवार को भूखंड में हुए भ्रष्टाचार से संबंधित मामले में उदयपुर के उमरड़ा निवासी कानपुर ग्राम पंचायत के तत्कालीन सरपंच भैरूलाल मीणा और तत्कालीन उपसरपंच मदनलाल डांगी को तीन-तीन वर्ष के कारावास और 70-70 हजार रूपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। वहीं इस भ्रष्टाचार की लाभार्थी अक्षय कुमार शर्मा को तीन वर्ष कारावास और 60 हजार रूपए आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। (land fraud case udaipur)
विशिष्ठ न्यायाधीश विरेन्द्र कुमार जसूजा ने दोनों पक्षों के सुनवायी पूरी कर यह फैसला सुनाया है। एसीबी की तरफ से विशिष्ठ लोक अभियोजक पुरूषोत्तम नामा ने पैरवी की। प्रकरण का अनुसंधान एसीबी निरीक्षक हरीशचन्द्र सिंह ने किया था।
खासबात है कि एक दिन पहले गुरूवार को ही एसीबी कोर्ट ने राजस्व ग्राम उमरड़ा की बिलानाम सरकारी भूमि का पट्टा जारी करने के एक अन्य मामले में तत्कालीन सरपंच भैरूलाल, तत्कालीन उपसरपंच मदनलाल डांगी सहित पूजादेवी को सजा सुनाई थी। पूजा देवी अक्षय शर्मा की ही पत्नी है, जिस अक्षय शर्मा को आज शुक्रवार को एसीबी कोर्ट ने तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। मतलब एक मामले में गुरूवार को पत्नी को सजा हुई और दूसरे मामले में पति को सजा हुई है।

फर्जी तरीके से कूटरचित पट्टा जारी किया
मामले के अनुसार 26 मार्च 2015 को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की उदयपुर चौकी की ओर से न्यायालय में भैरूलाल] मदनलाल और पूजा देवी के खिलाफ चालान पेश किया था। एसीबी को मई 2012 में उमरड़ा ग्रामवासियों के प्रतिनिधिमण्डल ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि राजस्व ग्राम उमरडा की बिलानाम सरकारी भूमि खसरा संख्या 6494 व 6593 पर कानपुर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भैरूलाल मीणा व उपसरपंच मदनलाल डांगी द्वारा षडयन्त्रपूर्वक फर्जी पट्टे जारी किए गए हैं।
शिकायत का सत्यापन डीएसपी राजीव जोशी ने किया और संबंधित कार्यालय से रिकार्ड प्राप्त किए गए। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर एसीबी ने एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच शुरू की। प्रकरण का अनुसंधान एसीबी निरीक्षक हरीशचन्द्र सिंह ने किया।

पूर्व सरपंच और पूर्व उपसरपंच ने की धोखाधड़ी और पद का दुरूपयोग
जांच में पाया गया कि कानुपर के तत्कालीन सरपंच भैरूलाल मीणा और उपसरपंच मदनलाल डांगी ने अपने पद एवं अधिकारों का दुरूपयोग करते हुए लाभार्थी पूजा देवी से मिलीभगत कर षडयन्त्रपूर्वक अपने स्तर पर ही बाजार से क्रय किए गए पट्टा फार्म पर अपने पद सील मुहर लगा ग्राम पंचायत कानपुर के राजस्व ग्राम उमरडा की भूमि बिलानाम खसरा संख्या 6593 के वर्ष 2006-07, 2008-09 में फर्जी तरीके से कूटरचित पट्टा (क्षेत्रफल 2847 वर्गफीट) जारी किया था।
आरोपियों ने अपने भ्रष्ट कृत्य से सरकार को कुल 1,13,880 रूपए की आर्थिक हानि पहूँचाई और इतनी ही राशि का आर्थिक लाभ लाभार्थी पूजा देवी को पहुंचा कर पट्टा शुल्क का गबन किया था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों के सुनवायी पूरी कर आज 18 अगस्त को फैसला सुनाया। जिसमें उमरड़ा निवासी कानपुर पूर्व सरपंच भैरूलाल(65) पुत्र देवा मीणा, कानपुर निवासी कानपुर उपसरपंच मदनलाल डांगी(44) पुत्र लोगर डांगी और सज्जनगढ़ रोड़ मल्लातलाई निवासी अक्षय कुमार शर्मा (43) पुत्र रोहिताश कुमार शर्मा को मामले में दोषी पाया है। कोर्ट ने भैरूलाल और मदनलाल डांगी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धाराएं 120बी, 409, 420, 467, 468, 471 और 477ए के तहत सजा सुनाई है, वहीं पूजा देवी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और 120बी, 420,, 467, 468, 471 और 477ए के तहत सजा सुनाई है।
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