मानसून में ब्रैक के कारण विद्युत की मांग बढ़ी,तकनीकी खराबी से कई विद्युत इकाईयां भी बन्द है
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मानसून में ब्रैक लगने से गर्मी का असर बढ़ने के साथ ही अब विद्युत की मांग भी बढ़ने लगी है। इसके अलावा कुछ इकाइयां बन्द होने से भी बिजली उत्पादन में कमी आई है। इसके चलते राजस्थान में कभी भी बिजली कटौती शुरू हो सकती है।
प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष डिस्कॉम्स भास्कर ए सावंत ने बताया कि मानसून की कमी के कारण राजस्थान में भी अन्य राज्यों की भांति विद्युत की मांग लगातार बढ़ रही है। इस कारण विद्युत उपलब्धता में राष्ट्रीय स्तर पर कमी हो गई है और विद्युत उपलब्धता के लिए सभी राज्यों की एनर्जी एक्सचेंज पर निर्भरता बढ़ गई है। आगामी सप्ताह में औद्योगिक व नगर पालिका क्षेत्र तथा जिला मुख्यालय पर घोषित कटौती के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेषकर रात्रि के समय एक से डेढ़ घंटे की विद्युत कटौती संभावित है।
राज्य में विद्युत की औसत खपत 3000 लाख यूनिट प्रतिदिन से भी अधिक हो गई
प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाने से विद्युत आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है। राज्य में वर्तमान में विद्युत की औसत खपत 3000 लाख यूनिट प्रतिदिन से भी अधिक हो गई है। विद्युत की अधिकतम मांग करीब 16000 मेगावाट तक पहुंच गई है।

तकनीकी खराबी आने से बन्द है कई विद्युत इकाईयां
राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम की छबड़ा तापीय संयंत्र की 02 इकाईयां (910 मेगावाट) वार्षिक रखरखाव हेतु बन्द है। कोटा तापीय संयंत्र की 01 (210 मेगावाट), सूरतगढ़ तापीय संयंत्र की 02 (910 मेगावाट) एवं छबड़ा तापीय संयंत्र की 01 (250 मेगावाट) इकाईयां अचानक तकनीकी खराबी आने से बन्द है।
ये इकाईया सभंवतया 13 से 15 अगस्त तक उत्पादन प्रारम्भ कर देगी। देश के दक्षिणी राज्यों में स्थित महत्वपूर्ण तापीय संयंत्र कूडगी, कोस्टल एनर्जीनए वेल्लारी की कुछ इकाईयां भी बन्द है तथा पवन ऊर्जा के उत्पादन में भी लगभग 38 प्रतिशत की कमी आई है।
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