जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। खान विभाग ने नागौर-डेह में लाईम स्टोन के 14 ब्लॉकों की ई-नीलामी प्रक्रिया आरंभ कर दी है जो 25 अगस्त को पूरी होगी। इससे क्षेत्र में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे वहीं सीमेंट उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंसए पेट्रोलियम व उद्योग वीनू गुप्ता ने बताया कि राज्य में यह पहला मौका है जब सीमेंट ग्रेड लाईम स्टोन के एक साथ 14 ब्लॉकों की ई-नीलामी की जा रही है। गत वित्तीय वर्ष में प्रदेश में सर्वाधिक 8 मेजर मिनरल्स के माइनिंग लीज व कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई नीलामी की गई है वहीं पिछले सालों में इन 8 मेजर मिनरल्स सहित गत वर्ष तक मेजर मिनरल्स के कुल 23 एमएलए सीएल के लिए नीलामी की गई है।

481.7 मिलियन टन के डिपोजिट मिले हैं
नागौर जिले के नागौर व डेह तहसील में 14.71 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में सीमेंट ग्रेड लाईम स्टोन के बेहतर गुणवत्ता के एक मोटे अनुमान के अनुसार 481.7 मिलियन टन के डिपोजिट मिले हैं। मेजर मिनरल्स के दूसरे चरण की नीलामी में लाईम स्टोन के 14 ब्लॉकों को शामिल किया गया है जिनमें दो बड़े ब्लॉकों के साथ ही 12 छोटे ब्लॉक शामिल है।
50 साल में 14 हजार करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा
निदेशक माइंस श्री संदेश नायक ने बताया कि भारत सरकार के एमएसटीसी ई पोर्टल पर टेंडर डाक्यूमेंट सेल करने की अंतिम तिथि 7 अगस्त है। वहीं 25 अगस्त को दोपहर एक बजे तक इन ब्लॉकों की ई नीलामी में बोली लगाई जा सकेगी। इन 14 ब्लॉकों के 1082 हैक्टेयर क्षेत्रफल में 356 मिलियन टन लाईम स्टोन के डिपोजिट संभावित है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरएसएमईटी एनपी सिंह ने बताया कि इन ब्लॉकों की नीलामी से राज्य सरकार को 50 साल में 14 हजार करोड़ रुण् का राजस्व प्राप्त होगा।
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