- आरपीएससी द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा पास करवाने की एवज में मांग रहे थे 40 लाख रूपए
- एसीबी की जयपुर, सीकर में बड़ी कार्रवाई, आरोपियों के आवास एवं अन्य ठिकानों की तलाशी जारी
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सीकर और जयपुर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए राज्य घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व चैयरमेन (राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त) कांग्रेस नेता गोपाल केसावत सहित चार लोगों को 18.50 लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी आरपीएससी द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी भर्ती परीक्षा पास करवाने और ओएमआर शीट बदलवाने की एवज में 40 लाख रूपए मांग रहे थे।
एसीबी एडीजी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि राज्य घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त गोपाल केसावत पुत्र हरचंदा, इनके सहयोगी हनुमानगढ़ टाउन निवासी अनिल कुमार धरेन्द्र पुत्र सत्यनारायण, दिल्ली निवासी ब्रह्मप्रकाश पुत्र देवदत्त शर्मा और हनुमानगढ़ निवासी रविन्द्र शर्मा पुत्र बलराम को कुल 18.50 लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ परिवादी ने एसीबी में शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित अधिशासी अधिकारी (ईओ) भर्ती परीक्षा में पास करवाने और ओएमआर शीट बदलवाने की एवज में गोपाल केसावत सहित अन्य आरोपी 40 लाख रूपए की रिश्वत मांग रहे हैं और रिश्वत राशि के लिए परेशान कर रहे हैं।

18.50 लाख में से 7.50 लाख रूपए पूर्व अध्यक्ष केसावत के थे
डीआईजी कालूराम रावत के सुपरविजन में एसीबी टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। जिसमें आरोपियों द्वारा 25 लाख रूपए रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इस पर एसीबी टीम ने ट्रेप आयोजित किया। एसीबी ने 14 जुलाई को सीकर से अनिल कुमार धरेन्द्र, ब्रह्मप्रकाश शर्मा और रविन्द्र शर्मा को और आज शनिवार को जयपुर में दबिश देकर घुमन्तु जाति कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष गोपाल केसावत को परिवादी से कुल 18.50 लाख रूपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस 18.50 लाख रूपए की राशि में 7.50 लाख रूपए गोपाल केसावत और 7.50 लाख रूपए रविन्द्र शर्मा के हिस्से के थे। एसीबी ने गोपाल केसावत को उसके हिस्से के 7.50 लाख रूपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।
आरपीएससी सदस्य की भूमिका से इनकार
एसीबी आईजी सवाई सिंह गोदारा के अनुसार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों से अभी तक की पूछताछ में आरपीएससी के किसी सदस्य या अधिकारी, कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
यह भी पढ़ें : राजस्थान के इस अधिकारी के बैंक लॉकर से मिले लाखों रूपए कैश
डिसक्लेमर: एआर लाइव न्यूज(AR Live News)से मिलते-जुलते नामों से रहें सावधान, उनका एआर लाइव न्यूज से कोई संबंध नहीं है। एआर लाइव न्यूज के संबंध में कोई भी बात करने के लिए पत्रकार लकी जैन (9887071584) और पत्रकार देवेन्द्र शर्मा (9672982063) ही अधिकृत हैं।


