इंफाल,(एआर लाइव न्यूज)। केंद्र और मणिपुर सरकार ने पिछले पिछले दिनों राज्य में हुई जातीय हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रूपए मुआवजा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंगलवार को मणिपुर के अधिकारियों ने जानकारी दी और बताया कि दंगों में मारे गए व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी और सरकार की ओर से 10-10 लाख रूपए मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा राशि का वहन केन्द्र और राज्य सरकार बराबर-बराबद करेंगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच सोमवार रात को हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है। गृह मंत्री सोमवार रात को विमान से इंफाल पहुंचे और उनके साथ गृह सचिव अजय कुमार भल्ला तथा खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका भी थे। अमित शाह ने मंगलवार को मैतेई और कुकी समुदाय से जुड़े राजनीतिक एवं नागरिक संस्था के नेताओं के साथ कई बैठकें की और दंगा प्रभावित चुराचांदपुर का दौरा भी किया।
गौरतलब है कि मणिपुर में मैतेई समुदाय ने 3 मई को प्रदर्शन कर अनुसूचित जनजाति के दर्जे की मांग की थी। कुकी समुदाय इसके विरोध में है। इसका लेकर जनजातीय एकता मार्च निकाली गयी थी, इसके ठीक बाद 6 मई को हिंसा भड़क गयी थी। हिंसा में 59 लोगों से अधिक की मौत हो चुकी है, जिसमें रविवार को मारे गए 5 लोग भी शामिल हैं। मैतेई समुदाय मणिपुर की आबादी का करीब 53 प्रतिशत है और समुदाय के अधिकतर लोग इंफाल घाटी में रहते हैं। नगा और कुकी समुदायों की संख्या कुल आबादी का 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं।


