पायलट 11 मई को अजमेर से निकालेंगे जनसंघर्ष पदयात्रा
जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा रविवार को धौलपुर में दिए बयान पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने मंगलवार को पलटवार किया। पायलट ने कहा कि धोलपुर में दिए बयान से लगता है कि सम्मानिय मुख्यमंत्री जी की नेता सोनिया गांधी जी नहीं हैं, बल्कि उनकी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया जी हैं।
पायलट ने मंगलवार को जयपुर में उनके निवास पर प्रेस कांफ्रेंस की और कहा कि एक तरफ यह कहा जा रहा है कि हमारी सरकार को गिराने का काम भाजपा कर रही थी। दूसरी तरफ कहा जाता है कि सरकार को बचाने का काम वसुंधरा जी कर रही थीं। यह जो विरोधाभास है इसको समझाना चाहिए।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को धौलपुर के राजखेड़ा में एक सभा को संबोधित किया था। उसमें उन्होंने यह जिक्र भी किया कि मेरी सरकार 2020 के राजनीतिक संकट से बच गई, क्योंकि वसुंधरा राजे और मेघवाल(कैलाश मेघवाल) ने षड्यंत्र का समर्थन नहीं किया था।
11 मई को अजमेर से शुरू होगी जनसंघर्ष पदयात्रा, यहीं से लीक हुए थे पैपर
पायलट ने कहा कि भ्रष्टाचार व नौजवानों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाकर मैं जनसंघर्ष पदयात्रा निकालने जा रहा हूं, जो 11 मई को अजमेर से शुरू होगी। पायलट ने कहा कि अजमेर से यह यात्रा इसलिए निकाली जा रही है, क्योंकि आरपीएससी अजमेर में स्थित है, जहां से कई पेपर लीक हुए और वहां भ्रष्टाचार होने की खबरें आईं थी। पांच दिन की यात्रा अजमेर से जयपुर तक निकलेगी और 125 किलोमीटर लंबी होगी। यह यात्रा किसी के विरोध में न होकर नौजवानों के पक्ष में और करप्शन के विरोध में है।
पॉलिटिकल स्टैंड क्या रहेगा, इसको लेकर यह बोले पायलट
पत्रकारों ने जब पायलट से पूछा कि लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता यह है कि आपका पॉलिटिकल स्टैंड क्या रहेगा? पार्टी में रहकर संघर्ष करेंगे या और कुछ? इस पर पायलट ने खुलकर तो कोई जवाब नहीं दिया। इतना जरूर कहा कि कुछ लोग चाहते है कि कांग्रेस कमजोर हो, फूट पड़े। उसको हम नाकाम करेंगे। पायलट ने कहा कि वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की जांच के लिए मैं पिछले डेढ साल से चिट्टियां लिख रहा हुं, लेकिन अब मुझे समझ में आ रहा है कि यह जांच अब तक क्यों नहीं हुई। मैं 11 अप्रैल को जयपुर में अनशन पर बैठा था। इस मांग को लेकर, लेकिन अब मैं नाउम्मीद हु। क्योंकि तथ्य सामने आ रहे है। कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्यों नहीं होगी।
मैं और हमारे कुछ साथी सरकार में नेतृत्व परिवर्तन चाहते थे
पालयट ने कहा कि मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं और हमारे कुछ साथी सरकार में नेतृत्व परिवर्तन चाहते थे। अपनी बात को लेकर हम दिल्ली भी गए और अपनी बातों को रखा। एआईसीसी ने एक कमेटी भी बनाई। तब हम सब की बात सुनकर एक रोड मैप तैयार किया गया। हमने अनुशासन तोड़ने का काम कभी भी नहीं किया।
पायलट ने कहा कि हम दिल्ली गए, हमने अपनी बात को रखा। उसके बाद उस समय हमारी अध्यक्षा सोनिया गांधी जी ने 25 सिंतबर को माकन व खड़के जी को जयपुर भेजा था। तब वो विधायकों की मिटिंग हो ही नहीं पायी। सोनिया गांधी उस समय हमारी पार्टी की अध्यक्ष थी। उनकी जो अवहेलना हुई उनकी जो मानहानी हुई उनकी जो बेइज्जती हुई वो गद्दारी थी।
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