मणिपुर,(एआर लाइव न्यूज)। मणिपुर में चार दिन से भड़की हिंसा (manipur violence) में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं एक IRS ऑफिसर और CRPF कमांडो की भी गोली लगने से हत्या हुई है। सैकड़ों लोग घायल हैं, बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। सेना ने क्षेत्र में स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। चप्पे-चप्पे पर सेना के जवान तैनात हैं।
मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार सेना ने चुराचांदपुर, मोरेह, काकचिंग और कांगपोकपी जिलों में पूरी तरह नियंत्रण लिया हुआ है। उपद्रव क्षेत्र में फंसे 13000 से अधिक लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान व सेना के शिविर में भेजा गया है। बताया जा रहा है कि सेना के आने के बाद स्थिति काफी सामान्य है। इम्फाल घाटी में स्थिति शनिवार को कुछ सामान्य रही। लोग जरूरी सामान खरीदने बाहर निकले। जरूरी सामान की कुछ दुकानें और बाजार भी खुले हैं।
गौरतलब है कि मणिपुर हाईकोर्ट ने गत माह मेइती समुदाय के एसटी दर्ज की मांग को लेकर राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर केन्द्र को सिफारिश भेजने के आदेश दिए थे। तब से मणिपुर में कुकी और नागा समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे थे। बुधवार को ऑल इंडियान स्टूडेंट यूनियन मणिपुर ने एसटी दर्ज की मांग के विरोध में आदिवासी एकजुटता मार्च निकाला था। इसी दौरान चुरचांदपुर जिले में हिंसा शुरू हो गयी थी। कुकी और नागा समुदाय के लोगों ने क्षेत्र में रह रहे मेइती समुदाय के लोगों को निकालना शुरू कर दिया। जिसके बाद एक के बाद एक क्षेत्रों में हिंसा भड़कती चली गयी।
आईआरएस की हत्या पर एसोसिएशन ने कहा–
हिंसा में एक आईआरएस ऑफिसर की हत्या हुइ्र है। इंडियन रेवेन्यू सर्विस एसोसिएशन ने कहा कि इंफाल में एक टैक्स असिस्टेंट की हत्या कर दी गई है। उन्होंने ट्वीट किया कोई कारण या विचारधारा कर्तव्य पर एक निर्दोष लोक सेवक की हत्या को सही नहीं ठहरा सकती। इधर एक जवान की मौत के बाद सीआरपीएफ ने भी छुट्टी पर गए सभी जवानों को तत्काल नजदीकी कैंप पर रिपोर्ट करने के आदेश दे दिए हैं।


