जयपुर,(एआर लाइव न्यूज)। एसीएस माइंस, पेट्रोलियम एवं जलदाय डॉ.सुबोध अग्रवाल से बुधवार को सचिवालय में नेशनल प्रोडक्टिविटि काउंसिल (एनपीसी) के अधिकारियों ने मुलाकात की।
डॉ. अग्रवाल ने एनपीसी के अधिकारियों को सुझाव दिया कि वे खान विभाग व जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित क्षेत्र चिन्हित करते हुए कार्ययोजना तैयार करें ताकि प्रदेश में खनिज, पानी, बिजली का बेहतर व वैज्ञानिक तरीके से दोहन करते हुए और बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकें।
घरेलू उपयोग से लेकर कारखानों तक बूंद बूंद पानी बचाने, बिजली बचाने पर जोर
उन्होंने एनपीसी के अधिकारियों को सुझाव दिया कि उनके द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं व गतिविधियों से राज्य सरकार के संबंधित विभाग में एम्पेनल्ड कराए ताकि राज्य सरकार के विभाग व संस्थाएं एनपीसी की सेवाओं से जुड़ सके। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि घरेलू उपयोग से लेकर कारखानों तक में बूंद बूंद पानी बचाने, बिजली बचाने,पानी-बिजली का बेहतर उपयोग से बचत में अन्य उपायों के साथ ही कार्मिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।

कई विशेषज्ञ है इस टीम में
नेशनल प्रोडक्टिविटि काउंसिल के क्षेत्रीय निदेशक केडी भारद्वाज व स्थानिय निदेशक मुकेश सिंह ने बताया कि भारत सरकार के उपक्रम द्वारा 150 इंजीनियर्स, इकोनोमिस्ट, मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के साथ ही 100 अन्य विशेषज्ञों के माध्यम से वाटर एनर्जी ऑडिट, थर्ड पार्टी निरीक्षण,नीति दस्तावेज तैयार करने, प्रोजेक्ट फारमूलेशन, इवेलुएशन यहां तक कि रिक्रूटमेंट कार्य में सहभागिता की भूमिका निभा रही हैं। उप सचिव माइंस नीतू बारुपाल, मुख्य अभियंता जलदाय केडी गुप्ता, दलीप गौड, माइंस विभाग से अतिरिक्त निदेशक माइंस हर्ष सावनसुखा, एसएमई देवेन्द्र गौड़, सतीश आर्य व माइंस, पीएचईडी के अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया।


