उदयपुर। सात माह के अपरिपक्व जुडवा शिशुओं को 42 दिन एनआईसीयू में उपचार देते हुए दूधमुहा किया गया और उन्हें सलामत रखा गया। दोनों शिशुओं का उपचार जीबीएच जनरल हॉस्पीटल (gbh general hospital udaipur) के नवजात शिशु रोग विभाग में पूरी तरह निशुल्क किया गया।
अमेरिकन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंस ग्रुप डायरेक्टर डॉ आनंद झा ने बताया कि पिछले दिनों जुड़वा शिशुओं को जीबीएच जनरल हॉस्पीटल के नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाष बोथरा के पास परिजन लेकर पहुंचे थे। सात माह के अपरिपक्व होने से शिशुओं को तत्काल एनआईसीयू में भर्ती किया गया। दोनों शिशुओं का वजन मात्र एक किलो और दूसरे का सवा किलो था।
यहां शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाष बोथरा और टीम ने 42 दिन तक दोनों जुडवा शिशुओं की न्योनेटल केयर करते हुए दूधमुंहा किया। इस बीच शिशुओं को श्वास लेने में भी तकलीफ थी, जिसे कृत्रिम श्वसन प्रक्रिया से फेफड़े विकसित करने की दवा दी गई। स्वतः श्वास लेने और मां का दूध लेना शुरू करने के बाद षिषुओं को डिस्चार्ज कर दिया गया।


